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मनरेगा की जगह लेगा 'VB-G RAM G' बिल: मोदी सरकार लाई नया ग्रामीण रोज़गार क़ानून

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 16th 2025 04:25 PM  |  Updated: December 16th 2025 04:25 PM
मनरेगा की जगह लेगा 'VB-G RAM G' बिल: मोदी सरकार लाई नया ग्रामीण रोज़गार क़ानून

मनरेगा की जगह लेगा 'VB-G RAM G' बिल: मोदी सरकार लाई नया ग्रामीण रोज़गार क़ानून

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी कानून (MGNREGA), 2005 को ख़त्म कर एक नया और महत्वाकांक्षी ग्रामीण रोज़गार क़ानून लाने जा रही है। इस नए विधेयक का नाम ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025’ रखा गया है। इस विधेयक को मौजूदा शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया गया है और इसकी प्रतियां सोमवार को लोकसभा सांसदों के बीच वितरित की गईं।

'विकसित भारत 2047' के विज़न से जुड़ा नया क़ानून

नए बिल का प्राथमिक उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप ग्रामीण विकास और रोज़गार सृजन के लिए एक व्यापक और आधुनिक ढांचा तैयार करना है।

नाम का महत्व: 'VB-G RAM G' का उद्देश्य स्पष्ट रूप से नए क़ानून को केवल रोज़गार योजना से हटाकर 'रोज़गार और आजीविका मिशन' में बदलना है, जिसमें ग्रामीण परिवारों की समग्र आय और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

फ़ोकस: नए क़ानून में रोज़गार के साथ-साथ ग्रामीण ग़रीबों की आजीविका को स्थायी रूप से मज़बूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर अधिक ज़ोर दिया गया है।

काम के दिनों और पारिश्रमिक में वृद्धि

नए बिल में ग्रामीण परिवारों के लिए गारंटीशुदा रोज़गार के दिनों की संख्या में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, जो ग्रामीण आय को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा क़दम है।

विशेषता MGNREGA, 2005 VB-G RAM G बिल, 2025 (प्रस्तावित)

गारंटीशुदा काम के दिन: 100 दिन, 125 दिन (25% की बढ़ोतरी)

पारिश्रमिक राज्यों द्वारा निर्धारित न्यूनतम मज़दूरी पर आधारित पारिश्रमिक प्रणाली को आजीविका से जोड़ना, बेहतर और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना।

विलंबित भुगतान पर मुआवज़ा निर्धारित नियमों के अनुसार विलंबित भुगतान पर स्वतः-जनरेटेड मुआवज़ा, जिससे भ्रष्टाचार और देरी पर रोक लगे।

तकनीकी एकीकरण और पारदर्शिता पर ज़ोर

VB-G RAM G बिल में टेक्नोलॉजी के माध्यम से पारदर्शिता और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

डिजिटल उपस्थिति: मनरेगा में इस्तेमाल किए गए जियो-टैगिंग और डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम को और अधिक उन्नत बनाया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का उपयोग करके कार्य आवंटन और निगरानी को बेहतर बनाया जाएगा।

कौशल आधारित कार्य: नए कानून में केवल अकुशल श्रम के बजाय, कौशल-आधारित (Semi-skilled) कार्यों को शामिल करने का प्रस्ताव है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों के कौशल का उन्नयन हो सके।

महिला सशक्तिकरण: महिलाओं की भागीदारी को 50% से अधिक सुनिश्चित करने और उन्हें आजीविका मिशन से जोड़कर स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के साथ मजबूत तालमेल बनाने का प्रावधान है।

राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थ

मनरेगा, कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार की एक प्रमुख योजना थी, जिसने ग्रामीण भारत को आर्थिक सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सरकार का तर्क: मोदी सरकार का तर्क है कि MGNREGA अपने मूल उद्देश्य से भटक गया था और अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप ढालने के लिए एक नए क़ानून की ज़रुरत है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया: हालाँकि, विपक्ष इस कदम को MGNREGA की विरासत को ख़त्म करने की कोशिश के रूप में देख सकता है और संसद में इस पर तीख़ी बहस होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, VB-G RAM G बिल, 2025 ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा परिवर्तन लाने का वादा करता है, जहां सिर्फ़ रोज़गार की गारंटी नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी और सम्मानजनक आजीविका का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।