Sunday, 11th of January 2026

नए साल के जश्न के बीच 'ऐप बंद': डिलीवरी वर्कर्स की बड़ी हड़ताल

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 31st 2025 03:27 PM  |  Updated: December 31st 2025 03:27 PM
नए साल के जश्न के बीच 'ऐप बंद': डिलीवरी वर्कर्स की बड़ी हड़ताल

नए साल के जश्न के बीच 'ऐप बंद': डिलीवरी वर्कर्स की बड़ी हड़ताल

नई दिल्ली/मुंबई/बेंगलुरु: आज नए साल की पूर्व संध्या पर Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, और Amazon जैसी दिग्गज कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर्स ने काम का बहिष्कार किया है। तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) के नेतृत्व में यह हड़ताल देश के कई बड़े महानगरों जैसे दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता में प्रभावी दिख रही है।

क्यों हो रही है यह हड़ताल? (मुख्य मांगें)

डिलीवरी वर्कर्स का आरोप है कि कंपनियां उनका शोषण कर रही हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस तरह से हैं:

न्यूनतम वेतन की गारंटी: यूनियन ने मांग की है कि प्रति किलोमीटर कम से कम ₹20 का भुगतान किया जाए और महीने की न्यूनतम आय ₹24,000 सुनिश्चित हो।

10-मिनट डिलीवरी मॉडल पर रोक: वर्कर्स का कहना है कि 10-20 मिनट की डिलीवरी की समय सीमा उनकी जान जोखिम में डालती है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का ख़तरा बढ़ जाता है।

सामाजिक सुरक्षा और बीमा: दुर्घटना की स्थिति में कंपनियों द्वारा पर्याप्त बीमा कवर और चिकित्सा सहायता की मांग की गई है।

मनमानी ID ब्लॉकिंग: बिना किसी साफ़ वजह के डिलीवरी पार्टनर्स की ID ब्लॉक करने की व्यवस्था को ख़त्म करने और पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र बनाने की मांग।

कंपनियों का पलटवार: ऊंचे इंसेंटिव का दांव

हड़ताल के असर को कम करने के लिए Zomato और Swiggy जैसी कंपनियों ने आज के लिए विशेष 'पीक आवर' इंसेंटिव की घोषणा की है।

Zomato ने शाम 6 बजे से रात 12 बजे के बीच प्रति ऑर्डर ₹120–₹150 तक का अतिरिक्त भुगतान देने का वादा किया है।

Swiggy ने भी वर्कर्स को लुभाने के लिए आज और कल के बीच ₹10,000 तक कमाने का अवसर देने की बात कही है।

साथ ही, कई कंपनियों ने आज के लिए ऑर्डर कैंसिल करने पर लगने वाले जुर्माने (Penalty) को भी अस्थाई रूप से हटा दिया है।

ग्राहकों पर क्या होगा असर?

आज साल का सबसे व्यस्त दिन होता है, जब लोग रिकॉर्ड मात्रा में खाना और ग्रोसरी ऑर्डर करते हैं। हड़ताल की वजह से:

देरी और कैंसिलेशन: कई इलाकों में डिलीवरी में 1-2 घंटे की देरी हो सकती है या ऑर्डर कैंसिल किए जा सकते हैं।

सेवा की अनुपलब्धता: कुछ इलाकों में ऐप्स पर 'Currently Unavailable' का मैसेज दिख सकता है।

हाई सर्च प्राइस: डिलीवरी पार्टनर्स की कमी के कारण डिलीवरी चार्ज में भारी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

जानकारों की मानें तो यह विरोध केवल वेतन तक सीमित नहीं है, बल्कि गिग इकॉनमी में काम करने वाले लाखों लोगों के सम्मान और सुरक्षा का सवाल है। जहाँ एक तरफ कंपनियाँ ऊंचे इंसेंटिव देकर काम सुचारू रखने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ वर्कर्स इस 'डिजिटल गुलामी' के खिलाफ एकजुट नजर आ रहे हैं।