Sunday, 11th of January 2026

बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हिन्दू संगठनों का भारी प्रदर्शन, दीपू चंद्र दास की हत्या पर फूटा ग़ुस्सा

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 23rd 2025 12:59 PM  |  Updated: December 23rd 2025 12:59 PM
बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हिन्दू संगठनों का भारी प्रदर्शन, दीपू चंद्र दास की हत्या पर फूटा ग़ुस्सा

बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हिन्दू संगठनों का भारी प्रदर्शन, दीपू चंद्र दास की हत्या पर फूटा ग़ुस्सा

GTC News: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय के ख़िलाफ़ जारी हिंसा और ख़ासतौर से मयमनसिंह में हिन्दू युवक दीपू चंद्र दास की बर्बर हत्या के विरोध में आज भारत की राजधानी दिल्ली में भारी तनाव देखा गया। विश्व हिन्दू परिषद (VHP), बजरंग दल और अन्य हिन्दू संगठनों ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन और पुलिस से झड़प

प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दीपू चंद्र दास के हत्यारों को फ़ांसी देने की मांग करते हुए जमकर नारेबाज़ी की। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने उच्चायोग की ओर बढ़ने का प्रयास किया और पुलिस द्वारा लगाए गए तीन स्तर के सुरक्षा घेरे (बैरिकेड्स) को तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी हुई।

सुरक्षा व्यवस्था: सुरक्षा की दृष्टि से चाणक्यपुरी स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के आसपास अर्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस की भारी तैनाती की गई है।

प्रमुख मांगें: संगठनों ने मांग की है कि भारत सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर दबाव बनाए ताकि वहां हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोका जा सके।

क्या है दीपू चंद्र दास हत्याकांड?

बांग्लादेश के मयमनसिंह ज़िले के भालुका में 18 दिसंबर को एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

आरोप और हक़ीक़त: भीड़ ने दीपू पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, भीड़ ने न केवल उसे मार डाला, बल्कि उसके शव को पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया।

जांच की रिपोर्ट: बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) और स्थानीय जांचकर्ताओं ने बाद में स्पष्ट किया कि दीपू द्वारा किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी का कोई सबूत नहीं मिला है। यह पूरी तरह से एक अफ़वाह के आधार पर की गई हत्या थी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक तनाव

इस घटना ने भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक संबंधों में भी कड़वाहट पैदा कर दी है:

भारतीय विदेश मंत्रालय: भारत ने इस हत्या को "बर्बर" करार देते हुए कड़ी चिंता व्यक्त की है और अपराधियों को सज़ा देने की मांग की है।

वीज़ा सेवाएं प्रभावित: तनाव को देखते हुए बांग्लादेश में भारतीय वीज़ा केंद्रों (IVAC) ने अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं।

घटना के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के बीच, बांग्लादेश ने ढाका में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब (Summon) भी किया है।

क्या है वीएचपी का रुख़?

विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, "दीपू चंद्र दास की हत्या मानवता के ख़िलाफ़ अपराध है। अगर किसी को केवल समानता की बात करने पर मार दिया जाता है, तो यह उस देश की कट्टरता को दर्शाता है। हम चुप नहीं बैठेंगे और पूरे देश के हर ज़िले में इस अत्याचार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करेंगे।"