GTC News: भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा गौतम गंभीर को 2027 आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप तक भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में बनाए रखने का निर्णय केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट की भविष्य की दिशा को परिभाषित करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। यह घोषणा, जो बीसीसीआई के सूत्रों द्वारा सामने आई है, टीम के भीतर निरंतरता बनाए रखने और गंभीर के 'नो-नॉनसेंस' कोचिंग दर्शन पर बोर्ड के अटूट विश्वास को दर्शाती है।
🚨 GAMBHIR TO CONTINUE AS HEAD COACH 🚨- The BCCI is in no mood for any knee-jerk reaction. There won’t be any big decisions 👏🏻- Gautam Gambhir's contract is till 2027 and the World Cup is also around the corner 😮- What's your take 🤔 pic.twitter.com/P1C1iuLNuG
— Richard Kettleborough (@RichKettle07) November 27, 2025
गौतम गंभीर का आगमन भारतीय क्रिकेट में एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में देखा गया है। अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी के दिनों की तरह, उन्होंने कोचिंग में भी एक स्पष्ट, परिणाम-केंद्रित और गैर-समझौतावादी दृष्टिकोण अपनाया है। टी20 विश्व कप 2024 में भारत की जीत, जो एक दशक से अधिक समय के आईसीसी ट्रॉफी सूखे को समाप्त करने वाली थी, इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि गंभीर का कठोर अनुशासन और रणनीतिक कौशल टीम के लिए कितना मूल्यवान है। उनका ध्यान व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय टीम की आवश्यकता और हर खिलाड़ी को उसकी भूमिका में स्पष्टता प्रदान करने पर केंद्रित रहा है।
2027 विश्व कप तक गंभीर को यह जिम्मेदारी सौंपना, बीसीसीआई की दीर्घकालिक योजना को उजागर करता है। अगले तीन वर्षों में, भारतीय टीम को कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना है, जिनमें खिलाड़ियों का पीढ़ीगत परिवर्तन सबसे प्रमुख है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और मोहम्मद शमी जैसे कई वरिष्ठ खिलाड़ियों के करियर के अंतिम चरण में होने के कारण, गंभीर की मुख्य जिम्मेदारी युवा प्रतिभाओं (जैसे शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और अन्य) को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करना और उन्हें टीम के 'कोर' में सहजता से स्थापित करना होगा।
इसके अतिरिक्त, गंभीर को सभी तीनों फॉर्मेट—टेस्ट, वनडे और टी20—के बीच संतुलन बनाना होगा। उनका कार्यकाल न केवल 2027 के वनडे विश्व कप पर केंद्रित होगा, बल्कि इसमें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के आगामी चक्रों के लिए टीम को मजबूत करना भी शामिल है। गंभीर, जो खुद एक उत्कृष्ट टेस्ट क्रिकेटर रहे हैं, से उम्मीद की जाती है कि वह विदेशी पिचों पर भारतीय टीम के प्रदर्शन में स्थिरता लाएंगे।
इस बात को कहना शायद ग़लत नहीं होगा कि गंभीर का 2027 तक मुख्य कोच बने रहना एक सोचा-समझा रणनीतिक निवेश है। यह निरंतरता टीम को अगले बड़े टूर्नामेंटों के लिए एक स्थिर और मजबूत नींव देगी। गंभीर के नेतृत्व में, भारतीय क्रिकेट एक नए और रोमांचक चरण में प्रवेश कर रहा है, जहाँ उम्मीद है कि उनका दृढ़ संकल्प और जीतने की मानसिकता भारतीय क्रिकेट को सफलता के नए शिखर पर ले जाएगी।