Wednesday, 4th of February 2026

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार पेश किया बजट, जानिए बजट से जुड़ा हर पहलू

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  February 01st 2026 12:46 PM  |  Updated: February 01st 2026 12:46 PM
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार पेश किया बजट, जानिए बजट से जुड़ा हर पहलू

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार पेश किया बजट, जानिए बजट से जुड़ा हर पहलू

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी, 2026) संसद में अपना लगातार 9वां बजट पेश कर एक नया इतिहास रच दिया है। यह पहली बार है जब बजट रविवार के दिन पेश किया गया। 'विकसित भारत' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, इस बजट में मध्यम वर्ग, बुनियादी ढांचे और भविष्य की तकनीक (सेमीकंडक्टर और एआई) पर विशेष ध्यान दिया गया है।

बजट 2026-27: मुख्य हेडलाइंस और बड़े ऐलान

1. आयकर (Income Tax): मध्यम वर्ग को बड़ी राहत

नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) को और ज़्यादा आकर्षक बनाया गया है ताकि मध्यम आय वर्ग के पास खर्च करने योग्य पैसा (Disposable Income) बढ़ सके।

12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं: नई टैक्स व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को अब कोई टैक्स नहीं देना होगा (रिबेट और स्टैंडर्ड डिडक्शन के समायोजन के बाद)।

स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction): वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत: वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर कटौती की सीमा को दोगुना कर 1 लाख रुपये कर दिया गया है।

TCS में कटौती: विदेश यात्रा पैकेज और शिक्षा/मेडिकल के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर TCS की दरों को कम किया गया है।

2. बुनियादी ढांचा और परिवहन (Infrastructure & Railways)

सरकार ने 'कैपिटल एक्सपेंडिचर' (Capex) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9% अधिक है।

7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए 7 नए बुलेट ट्रेन जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की गई है।

रेयर अर्थ कॉरिडोर (Rare Earth Corridors): खनिज समृद्ध राज्यों (ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु) में दुर्लभ खनिजों के परिवहन के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे।

वंदे भारत का विस्तार: रेलवे में सुरक्षा के लिए कवच 4.0 तकनीक को और तेज़ी से लागू किया जाएगा।

3. 'मेक इन इंडिया' और टेक्नोलॉजी (Manufacturing & Tech)

सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: भारत को ग्लोबल चिप हब बनाने के लिए ₹40,000 करोड़ के परिव्यय के साथ सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा चरण शुरू किया गया।

बायो-फार्मा शक्ति: बायो-फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए ₹10,000 करोड़ की योजना और 3 नए राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना।

कॉर्पोरेट मित्र: MSMEs की मदद के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और प्रोफेशनल्स के सहयोग से 'कॉर्पोरेट मित्र' पहल शुरू की जाएगी।

4. स्वास्थ्य और शिक्षा (Health & Education)

मेडिकल टूरिज़्म: भारत को ग्लोबल मेडिकल हब बनाने के लिए 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे।

NIMHANS 2.0: मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उत्तर भारत में एक नया मानसिक स्वास्थ्य संस्थान खोला जाएगा।

एज़ुकेशन हब: 5 नए IITs (2014 के बाद स्थापित) में 6,500 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी।

          बजट 2026 के महत्वपूर्ण तथ्य

क्षेत्र                                                        घोषणा / लक्ष्य

राजकोषीय घाटा                              GDP का 4.3% रहने का अनुमान

टैक्स स्लैब                                          ₹12.75 लाख (वेतनभोगी) तक प्रभावी रूप से शून्य कर

MSME सपोर्ट                                    ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड

ऊर्जा मिशन                                      2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य

टूरिज़्म                                                जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में माउंटेन ट्रेकिंग और वाइल्डलाइफ ट्रेल का विकास

तीन 'कर्तव्य'

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में तीन मुख्य स्तंभों या कर्तव्यों का उल्लेख किया जो इस बजट की आत्मा हैं:

उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा: आर्थिक विकास को गति देना।

नागरिक सशक्तिकरण: लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना।

संसाधन पहुंच: हर परिवार और क्षेत्र तक अवसर पहुंचाना।

कुल-मिलाकर, कहा जा सकता है कि बजट 2026 राजकोषीय अनुशासन और भविष्य की तकनीक में निवेश के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश करता है। जहां एक तरफ़ MSMEs और मध्यम वर्ग को सीधे लाभ देने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाकर रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है।

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