Friday, 9th of October 2026

सेवानिवृत्ति से पूर्व नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी, शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at:
सेवानिवृत्ति से पूर्व नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी, शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

सेवानिवृत्ति से पूर्व नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी, शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी (SYSM, PVSM, AVSM, VM) ने आज अपनी 39 वर्षों की गौरवशाली सैन्य सेवा के अंतिम दिन नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल (NWM) पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस भावुक क्षण के दौरान उन्होंने 'अमर चक्र' पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले जांबाज़ों के प्रति सम्मान प्रकट किया।

एक शानदार करियर का समापन

एयर मार्शल तिवारी आज यानी 31 दिसंबर 2025 को वायुसेना से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

कमीशन: उन्हें 7 जून 1986 को एक फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना में शामिल किया गया था।

अनुभव: उनके पास मिराज-2000 समेत अलग-अलग तरह के विमानों पर 3600 घंटे से अधिक उड़ान भरने का अनुभव है।

उपलब्धि: वह एक कुशल 'फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर' और 'एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट' हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध (1999) के दौरान 'लाइटनिंग' लेजर डेजिग्नेशन पॉड को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

                          प्रमुख सैन्य सम्मान और योगदान

पदक/सम्मान                                                   वर्ष          उपलब्धि 

सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक (SYSM)                 2025        'ऑपरेशन सिंदूर' में उनकी उत्कृष्ट भूमिका के लिए।

परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM)                 2025        विशिष्ट श्रेणी की सेवा के लिए गणतंत्र दिवस पर सम्मानित।

अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM)                 2022        सराहनीय सैन्य नेतृत्व और सेवा के लिए।

वायु सेना पदक (VM)                                    2008        अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए।

विदाई संदेश और भविष्य की राह

श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में एयर मार्शल तिवारी ने कहा, "आज इस पवित्र स्थल पर खड़े होकर मुझे उन सभी साथियों की याद आ रही है जिन्होंने तिरंगे की शान के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। भारतीय वायुसेना आज आधुनिकता और आत्मनिर्भरता के जिस पथ पर है, वह इन बलिदानों की ही नींव पर टिका है। "अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी तकनीकों (जैसे LCA तेजस और C4I2 सिस्टम) के एकीकरण पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने हाल ही में रक्षा उद्योग को 'निश एरिया' (विशिष्ट क्षेत्रों) में विशेषज्ञता हासिल करने की सलाह दी थी, ताकि भारत वैश्विक स्तर पर रक्षा निर्यातक बन सके। 

अगले वाइस चीफ़ की नियुक्ति

एयर मार्शल तिवारी के सेवानिवृत्त होने के बाद, अब वायुसेना के नए उप प्रमुख के रूप में अगले वरिष्ठ अधिकारी कार्यभार संभालेंगे, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है।