Saturday, 17th of January 2026

मौनी अमावस्या 2026: संगम पर उमड़ा आस्था का महाकुंभ, 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 17th 2026 01:20 PM  |  Updated: January 17th 2026 01:23 PM
मौनी अमावस्या 2026: संगम पर उमड़ा आस्था का महाकुंभ, 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

मौनी अमावस्या 2026: संगम पर उमड़ा आस्था का महाकुंभ, 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज की रेती पर बसा 'तंबू का शहर' अब पूरी तरह से श्रद्धालुओं से भर चुका है। मकर संक्रांति के ठीक दो दिन बाद पड़ने वाली इस मौनी अमावस्या को लेकर प्रशासन और भक्तों में भारी उत्साह है।

आस्था का सैलाब: संगम तट पर लाखों की भीड़

मेला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक़, शुक्रवार शाम तक ही लगभग 5 लाख श्रद्धालु मेला क्षेत्र में पहुंच चुके थे। शनिवार सुबह से ही प्रयागराज जंक्शन, नैनी और सूबेदारगंज रेलवे स्टेशनों पर तीर्थयात्रियों का भारी हुजूम देखा जा रहा है। 3 से 4 करोड़ श्रद्धालुओं के कल मुख्य स्नान पर्व पर डुबकी लगाने का अनुमान है। श्रद्धालु कड़ाके की ठंड और कोहरे की परवाह किए बिना संगम तट पर भजन-कीर्तन कर रहे हैं। मेले में कल्पवासियों की संख्या इस बार रिकॉर्ड तोड़ रही है।

प्रशासनिक तैयारी: 'ज़ीरो एरर' का संकल्प

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद, मेला प्रशासन ने 'ज़ीरो एरर' नीति अपनाई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार व्यापक बदलाव किए गए हैं:

स्नान घाटों का विस्तार: पूरे मेला क्षेत्र में कुल 24 स्नान घाट बनाए गए हैं, जिनकी लंबाई लगभग 8 किमी है। झूंसी की ओर 'ऐरावत घाट' सबसे बड़ा स्नान स्थल (850 मीटर) बनाया गया है।

सुरक्षा कवच: सुरक्षा के लिए 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी, 22 पीएसी कंपनियां और आरएएफ/एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। ड्रोन और 1524 सीसीटीवी कैमरों से एआई-आधारित निगरानी की जा रही है।

रूट डायवर्जन: आज रात 12 बजे से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। श्रद्धालुओं के लिए 42 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।

मौनी अमावस्या का महत्व और मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक़, माघ अमावस्या के दिन संगम का जल 'अमृत' के समान हो जाता है।

तिथि: 18 जनवरी, 2026 (रविवार)।

ब्रह्म मुहूर्त स्नान: सुबह 04:43 से 05:23 तक विशेष फलदायी माना गया है।

मौन व्रत: इस दिन वाणी पर नियंत्रण रखकर मौन व्रत करने से मानसिक शक्ति और आत्म-शुद्धि प्राप्त होती है।

"मेला क्षेत्र को नौ सर्किल में विभाजित किया गया है। अत्यधिक भीड़ की स्थिति में 16 होल्डिंग एरिया तैयार हैं जहाँ एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित रोका जा सकता है।" - ऋषि राज, मेलाधिकारी