Tuesday, 13th of January 2026

मणिकर्णिका घाट पुनरुद्धार: ध्वस्तीकरण पर उपजा 'कन्फ्यूज़न', ADM का दावा- "बाहरी लोग फैला रहे भ्रम"

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 13th 2026 05:12 PM  |  Updated: January 13th 2026 05:12 PM
मणिकर्णिका घाट पुनरुद्धार: ध्वस्तीकरण पर उपजा 'कन्फ्यूज़न', ADM का दावा- "बाहरी लोग फैला रहे भ्रम"

मणिकर्णिका घाट पुनरुद्धार: ध्वस्तीकरण पर उपजा 'कन्फ्यूज़न', ADM का दावा- "बाहरी लोग फैला रहे भ्रम"

वाराणसी: मोक्ष की नगरी काशी में मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट को आधुनिक और भव्य रूप देने का काम तेज़ी से चल रहा है। इसी क्रम में मणिकर्णिका घाट के आसपास की पुरानी इमारतों को गिराने की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल होने और विरोध की ख़बरों के बाद प्रशासनिक अमला ज़मीन पर उतर आया है।

प्रशासन का रुख़: "स्थानीय लोग नहीं कर रहे विरोध"

मौके़ पर पहुंचे एडीएम (ADM) सिटी आलोक वर्मा ने साफ़ किया कि घाट के सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण को लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं है। उन्होंने कहा:

"कुछ कन्फ्यूज़न है, इसलिए हम हालात का जायज़ा लेने यहां आए हैं। हमें शक़ है कि इस मामले में कुछ बाहरी लोग शामिल हैं, जो भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। घाट पर और उसके आसपास रहने वाले लोग विरोध नहीं कर रहे हैं। सब कुछ उनकी सहमति और उनके सामने हो रहा है।"

ACP स्तर पर जांच शुरू

प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम वर्मा के अनुसार, एसीपी (ACP) अतुल अंजन त्रिपाठी मौके़ पर रहकर इसकी जांच कर रहे हैं कि आख़िर वे कौन लोग हैं, जो कार्य में बाधा डाल रहे हैं या अफ़वाह फैला रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि विकास कार्य को रोकने के लिए कुछ निहित स्वार्थ वाले लोग सक्रिय हो गए हैं।

क्या है मणिकर्णिका घाट पुनरुद्धार योजना?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'काशी विश्वनाथ कॉरिडोर' के विस्तार के रूप में इस योजना को देखा जा रहा है।

बजट और लक्ष्य: लगभग 18 से 20 करोड़ रुपये की लागत से इस घाट का कायाकल्प किया जा रहा है। इसका लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक कार्य पूरा करना है।

प्रमुख बदलाव: * 32 नए शवदाह प्लेटफार्म (क्रेमाटोरियम) का निर्माण।

लकड़ी भंडारण के लिए अलग 'वुड प्लाज़ा' और वेटिंग हॉल।

तीर्थयात्रियों के लिए स्नान कुंड और आधुनिक शौचालय।

चक्र पुष्करिणी और रत्नेश्वर महादेव मंदिर जैसे हेरिटेज स्थलों का संरक्षण।

डोम राजा परिवार और अतिक्रमण का मुद्दा

हाल ही में डोम राजा परिवार ने भी घाट पर लकड़ी व्यापारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को लेकर नाराज़गी जताई थी। इसके बाद नगर निगम और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर सीढ़ियों और रास्तों से अवैध अतिक्रमण हटाया है, ताकि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को असुविधा न हो।

गौरतलब है कि मणिकर्णिका घाट पर ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई काशी के प्राचीन स्वरूप और आधुनिक सुविधाओं के बीच संतुलन बनाने की एक कोशिश है। प्रशासन ने साफ़ कर दिया है कि विकास की इस प्रक्रिया में बाधा डालने वालों से सख़्ती से निपटा जाएगा, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम भी किए गए हैं।

Latest News