नोएडा:उत्तर प्रदेश के नोएडा ने सस्टेनेबिलिटी और पर्यटन के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर गाड़ दिया है। सेक्टर-94 में यमुना किनारे बना 'जंगल ट्रेक' पार्क अब आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह दुनिया का ऐसा अनोखा पार्क है जहां लोहे के कबाड़ (Scrap) से बनी विशालकाय मूर्तियों के जरिए एक पूरी जंगल और समुद्री सफारी तैयार की गई है।
कबाड़ से बनी कलाकृतियों का अनोखा संगम
इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मौजूद सभी मूर्तियाँ खराब हो चुके वाहनों के पुर्जों, नट-बोल्ट, लोहे की ज़ंजीरों और अन्य औद्योगिक स्क्रैप से बनाई गई हैं। लगभग 100 टन से ज़्यादा कबाड़ का उपयोग कर दुनिया भर के दुर्लभ जानवरों को यहां जीवंत किया गया है।जंगली जानवर: यहाँ अफ्रीका के हाथियों से लेकर बंगाल टाइगर, जिराफ, जेब्रा और गैंडों की विशाल प्रतिमाएं देखी जा सकती हैं।समुद्री दुनिया: पार्क के एक हिस्से को 'ओशन जोन' के रूप में विकसित किया गया है, जहां व्हेल मछली, डॉल्फिन और शार्क की भव्य मूर्तियां पर्यटकों को रोमांचित कर रही हैं।
18 एकड़ में फैला रोमांचक ट्रेक
यह पार्क लगभग 18 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि लोग यहां प्रकृति के क़रीब महसूस करें।
एडवेंचर और ट्रेकिंग:पार्क में लगभग 2 किलोमीटर लंबा एक ट्रेकिंग पथ बनाया गया है।
व्यूइंग पॉइंट: ऊंचाई पर कुछ ऐसे पॉइंट्स बनाए गए हैं जहां से पूरे पार्क और साथ ही यमुना नदी का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।
नाइट सफारी जैसा अनुभव: रात के समय यहां विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे स्क्रैप से बनी ये मूर्तियां बेहद आकर्षक और असली नज़र आती हैं।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य '3R' (Reduce, Reuse, Recycle) के संदेश को बढ़ावा देना है। जो लोहा और कचरा डंपयार्ड में पड़ा रहता था, उसे कलाकारों ने अपनी मेहनत से एक खूबसूरत पर्यटन स्थल में तब्दील कर दिया है। इससे न केवल शहर की सफाई हुई है, बल्कि पर्यटन के जरिए राजस्व भी प्राप्त हो रहा है।
पर्यटकों के लिए मुख्य जानकारी
विवरण जानकारी
स्थान सेक्टर-94, महामाया फ्लाईओवर के पास, नोएडा
मुख्य आकर्षण 15 फीट ऊंची हाथियों की मूर्तियां, समुद्री जीव ज़ोन
सुविधाएं कैफे़टेरिया, बच्चों के लिए प्ले एरिया, सेल्फी पॉइंट्स
निकटतम मेट्रो ओखला पक्षी विहार (मजेंटा लाइन)
"कबाड़ में जान फूंक दी गई है"
पार्क देखने आए एक पर्यटक ने बताया, "यह यक़ीन करना मुश्किल है कि पुरानी कारों के इंजन और लोहे की कबाड़ से इतनी सटीक आकृतियाँ बनाई जा सकती हैं। बच्चों के लिए यह न केवल मनोरंजन है, बल्कि पर्यावरण के प्रति एक बड़ी सीख भी है। बहरहाल इस बातो को कहना शायद ग़लत नहीं होगा कि नोएडा का यह 'जंगल ट्रेक' अब दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए पिकनिक और फ़ोटोग्राफी का नया हॉटस्पॉट बन गया है। अगर आप भी कचरे से बनी कलाकारी और वन्य जीवन का संगम देखना चाहते हैं, तो यह पार्क आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए।
कम्पोजिट विद्यालय छलेरा एवं रायपुर के छात्रों को नोएडा अथॉरिटी द्वारा बनाए गए जंगल ट्रेल पार्क का भ्रमण कराया, कबाड़ से बनी कलाकृतियों व जीव-जंतुओं को देखकर छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, @MedhaRoopam नवाचार एवं रचनात्मकता की प्रेरक सीख ली और भरपूर आनंद उठाया। @CMOfficeUP @UPGovt pic.twitter.com/xCa2ZOEToU
— DM NOIDA Gautam Buddha Nagar (@dmgbnagar) December 15, 2025