Tuesday, 13th of January 2026

गोरखपुर महोत्सव 2026: कला, संस्कृति और अध्यात्म के संगम में उमड़ा जनसैलाब

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 13th 2026 05:34 PM  |  Updated: January 13th 2026 05:34 PM
गोरखपुर महोत्सव 2026: कला, संस्कृति और अध्यात्म के संगम में उमड़ा जनसैलाब

गोरखपुर महोत्सव 2026: कला, संस्कृति और अध्यात्म के संगम में उमड़ा जनसैलाब

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभर रहे गोरखपुर में आयोजित त्रि-दिवसीय 'गोरखपुर महोत्सव 2026' का आज भव्य समापन हो गया। रामगढ़ताल के किनारे मौजूद चंपा देवी पार्क में आयोजित इस महोत्सव ने न केवल पूर्वांचल की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया, बल्कि आधुनिक विकास और रोज़गार की नई संभावनाओं को भी एक मंच प्रदान किया।

विरासत और विकास का अद्भुत मेल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संरक्षण में इस वर्ष का महोत्सव "विरासत भी, विकास भी" के संकल्प को चरितार्थ करता नज़र आया। 11 जनवरी को पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किए गए शुभारंभ के बाद से ही पूरा शहर उत्सव के रंग में डूबा रहा। मुख्य मंच को मंदिर की भव्य आकृति का रूप दिया गया था, जो आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बना।

महोत्सव की प्रमुख विशेषताएं:

कला और संस्कृति: मथुरा की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा की प्रस्तुति और 'सबरंग' कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

आध्यात्मिक चेतना: समापन समारोह में भजन सम्राटों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भक्ति के रस में सराबोर कर दिया।

ज्ञान और विज्ञान: इस बार महोत्सव में विशाल पुस्तक मेला और विज्ञान प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रहे, जहां स्कूली बच्चों ने अपने नवाचारों का प्रदर्शन किया।

शिल्प और व्यापार: 300 से अधिक स्टालों पर 'एक ज़िला एक उत्पाद' (ODOP), सहारनपुर के लकड़ी के शिल्प और खुर्जा की पॉटरी ने भारी भीड़ जुटाई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश और 'गोरखपुर रत्न'

महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गोरखपुर महोत्सव अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पूर्वांचल की कला, मेधा और प्रगति का दर्पण बन चुका है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली छह विभूतियों को 'गोरखपुर रत्न' से सम्मानित किया:

शिवम यादव (खेल): पैरा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी।

अनन्या यादव (खेल): अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी।

नीतिश सिंह (खेल): विश्व की कई ऊंची चोटियों को फतह करने वाले पर्वतारोही।

प्रो. शरद मिश्रा (विज्ञान): कैंसर और भूजल प्रदूषण पर शोध हेतु।

अविनाश कुमार मौर्य (कृषि): प्रगतिशील किसान (टमाटर की खेती में नवाचार)।

आशीष श्रीवास्तव (समाज सेवा): सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता।

मनोरंजन और बॉलीवुड नाइट

महोत्सव की शामों को यादगार बनाने के लिए बॉलीवुड और भोजपुरी जगत के सितारों ने समां बांधा। जहां एक ओर वरुण जैन और तनिष्ठा पुरी की जोड़ी ने युवाओं को बॉलीवुड गीतों पर थिरकने पर मजबूर किया, वहीं भोजपुरी स्टार पवन सिंह और सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर के गीतों ने स्थानीय संस्कृति की मिठास घोली।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

प्रशासन के मुताबिक़, इस तीन दिवसीय आयोजन से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों और व्यापारियों को करोड़ों का व्यापारिक मंच भी मुहैया हुआ है। रामगढ़ताल के पास की शानदार लाइटिंग और क्रूज की सवारी ने पर्यटकों के लिए इस अनुभव को और भी खास बना दिया।

"गोरखपुर की पहचान अब पिछड़ेपन से नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध कला, सुदृढ़ क़ानून-व्यवस्था और चहुंमुखी विकास से होती है।" — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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