चंडीगढ़, पंजाब: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को आय से अधिक संपत्ति (डिसप्रोपोर्शनट एसेट्स) मामले में घोषित अपराधी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया। यह मामला 17 जून 2008 को उस समय के बीएसएनएल रोहतक के जीएम चंद्र शेखर, संतोष कुमार और अन्य के खिलाफ साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों में दर्ज किया गया था।
सीबीआई के अनुसार, “आरोपी संतोष कुमार ने स्वयं को एम/एस एलवीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का निदेशक/अधिकृत प्रतिनिधि बताकर तलाशी कार्यवाही के दौरान बरामद 85,00,000 रुपये की राशि पर स्वामित्व का दावा करते हुए याचिकाएं दायर कीं। इसका उद्देश्य लोक सेवक को बचाना था। इसके लिए उसने जाली और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वामित्व की झूठी श्रृंखला तैयार की।”
CBI Arrests Proclaimed Offender in connection with a Disproportionate Assets case pic.twitter.com/av9htDq3AR
— Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) February 20, 2026
इस मामले में आरोप पत्र विशेष न्यायाधीश, सीबीआई, अंबाला (वर्तमान में पंचकूला) की अदालत में दाखिल किया गया था। एजेंसी ने आगे बताया, “आरोपी संतोष कुमार मुकदमे में शामिल नहीं हुआ और 24 मार्च 2011 को उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया। लगातार प्रयासों के बावजूद वह फरार रहा। हाल ही में तकनीकी खुफिया जानकारी और जमीनी सत्यापन के आधार पर उसका ठिकाना दिल्ली में पता लगाया गया, जिसके बाद सीबीआई टीम ने उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।”
संतोष कुमार को पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत में पेश किया गया
इससे पहले, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली पुलिस के थाना पश्चिम विहार में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) को 15,000 रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने 7 फरवरी को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के भाई को जमानत दिलाने में मदद करने के बदले 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी और रकम न देने पर अन्य मामलों में फंसाने की धमकी दी थी।
सीबीआई ने 7 फरवरी को जाल बिछाकर आरोपी को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।