GTC News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र ज़िले से एक दिल को झकझोर देने वाली सनसनीखेज़ घटना सामने आई है, जहां एक होटल के बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो रहे पांच मज़दूरों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुरूआती जांच में मौत की वजह दम घुटना (Asphyxiation) बताया जा रहा है।
घटना का पूरा विवरण
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले पांच मज़दूर कुरुक्षेत्र के एक होटल में पेंटिंग का काम करने के लिए आए थे। सोमवार शाम को काम ख़त्म करने के बाद वे होटल के एक कमरे में ठहरे थे। रात को ठंड अधिक होने की वजह से उन्होंने कमरे के भीतर कोयले की अंगीठी जलाई और खिड़की-दरवाज़े पूरी तरह बंद करके सो गए।
मंगलवार सुबह जब काफ़ी देर तक कमरे का दरवाज़ा नहीं खुला और अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो होटल स्टाफ़ को शक हुआ, लिहाज़ा होटल प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया।
कहां तक पहुंची पुलिस और FSL की जांच?
सूचना मिलते ही DCP मुख्यालय सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके़ पर पहुंचे। जब कमरे का दरवाज़ा खोला गया, तो अंदर पांचों मज़दूर अचेत अवस्था में पड़े मिले।
DCP सुनील कुमार के बक़ौल, "कल यहां एक होटल में 5 मज़दूर आए थे। ठंड से बचने के लिए उन्होंने कमरे के अंदर कोयले की अंगीठी जला रखी थी और कमरे के सभी खिड़की-दरवाज़े बंद थे। सुबह सूचना मिलने पर जब हम पहुंचे, तो सभी अचेत थे। एफएसएल (FSL) की टीम को बुलाकर जांच कराई गई, जिसमें सभी को मृत पाया गया है।"
#WATCH कुरुक्षेत्र, हरियाणा: पांच मजदूरों की एक होटल में मृत्यु पर DCP मुख्यालय सुनील कुमार ने बताया, "कल यहां एक होटल में 5 मजदूर आए थे। जब वे कमरे में सो रहे थे तो उन्होंने कोयले की अंगीठी जला रखी थी। इस दौरान खिड़की दरवाजे भी बंद थे। सुबह हम सुचना मिलने पर पहुंचे तो सभी अचेत… pic.twitter.com/svNYryAJ6r
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 23, 2025
पुलिस ने शवों को क़ब्जे़ में लेकर पोस्टमार्टम के लिए LNJP अस्पताल भेज दिया है। मृतकों में एक ठेकेदार और चार अन्य मज़दूर शामिल थे।
मौत का मुख्य कारण: 'साइलेंट किलर' कार्बन मोनोऑक्साइड
जानकारों की मानें, तो बंद कमरे में कोयला या लकड़ी जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस बनती है। यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, जिसके कारण कमरे में सो रहे लोगों को इसके बढ़ने का पता नहीं चलता।
जब कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, तो यह गैस शरीर के रक्त में मिलकर ऑक्सीजन की जगह ले लेती है, जिससे व्यक्ति धीरे-धीरे बेहोश हो जाता है और नींद में ही उसकी मृत्यु हो जाती है। इसी कारण इसे 'साइलेंट किलर' कहा जाता है।
सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
सर्दियों के मौसम में इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:
बंद कमरे में कभी भी अंगीठी या हीटर का प्रयोग न करें।
यदि अंगीठी जलानी ज़रूरी हो, तो कमरे में वेंटिलेशन (खिड़की या रोशनदान) खुला रखें।
सोने से पहले आग को पूरी तरह बुझा दें।
संभव हो तो कार्बन मोनोऑक्साइड अलार्म का उपयोग करें।