Sunday, 11th of January 2026

वीर बाल दिवस: पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश, "साहिबज़ादों का बलिदान भारत की आत्मा का प्रतीक"

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 26th 2025 03:56 PM  |  Updated: December 26th 2025 03:56 PM
वीर बाल दिवस: पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश, "साहिबज़ादों का बलिदान भारत की आत्मा का प्रतीक"

वीर बाल दिवस: पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश, "साहिबज़ादों का बलिदान भारत की आत्मा का प्रतीक"

GTC News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर 2025 को 'वीर बाल दिवस' के मौक़े पर साहिबज़दा ज़ोरावर सिंह और साहिबज़ादा फ़तेह सिंह के अतुलनीय बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्पष्ट किया कि साहिबज़ादों की शहादत केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता और धर्म की रक्षा का एक शाश्वत मार्गदर्शक है।

प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें

1. Gen Z और Gen Alpha से बड़ी उम्मीदें: प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद हज़ारों बच्चों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, "आप Gen Z और Gen Alpha हैं, यह आपकी पीढ़ी है जो भारत को 'विकसित भारत @2047' के लक्ष्य तक ले जाएगी, जब मैं आपकी क्षमता और ऊर्जा देखता हूँ, तो मेरा विश्वास और बढ़ जाता है।"

2. धर्मनिष्ठा और साहस की मिसाल: पीएम ने कहा कि साहिबज़ादों ने उम्र की सीमाओं को पार कर दिया। जिस उम्र में बच्चे खेलकूद में व्यस्त होते हैं, उस उम्र में उन्होंने मुगल सल्तनत के अत्याचार के सामने झुकने के बजाय मौत को गले लगाना बेहतर समझा। पीएम मोदी ने बेलागलपेट कहा कि साहिबज़ादों ने धर्म परिवर्तन से इनकार कर 'अमर बलिदान' दिया, जिसने कट्टरता की नींव हिला दी।

3. एक नई परंपरा की शुरुआत: प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि 2022 में शुरू की गई 'वीर बाल दिवस' की परंपरा ने साहिबज़ादों की वीरता की कहानी को घर-घर तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अब देश का हर बच्चा अपने असली नायकों के बारे में जानता है और उनसे प्रेरणा ले रहा है।

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण

राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से संवाद: कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' (PMRBP) के 20 विजेताओं से मुलाक़ात की। इन बच्चों को नवाचार, बहादुरी और कला-संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया था।

डिजिटल प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: भारत मंडपम में साहिबज़ादों के जीवन और सिखों के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाली एक डिजिटल प्रदर्शनी लगाई गई। स्कूली बच्चों ने शबद कीर्तन और शौर्य गाथाओं पर आधारित नाटक प्रस्तुत किए।

राष्ट्रव्यापी भागीदारी: इस अवसर पर देश भर के स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और डाकघरों में कहानी सुनाने, निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

इतिहास का वह स्वर्णिम और मार्मिक अध्याय

उल्लेखनीय है कि सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी के दो छोटे साहिबज़ादों—बाबा जोरावर सिंह (9 वर्ष) और बाबा फ़तेह सिंह (7 वर्ष)—को सरहिंद के नवाब वज़ीर खान ने इस्लाम न अपनाने पर ज़िंदा दीवार में चुनवा दिया था। उनकी इस महान शहादत की याद में ही प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 में 26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' के रूप में घोषित किया था।

प्रधानमंत्री का यह दौरा और संदेश न केवल सिख समुदाय के प्रति सम्मान ज़ाहिर करता है, बल्कि भारतीय युवाओं में सांस्कृतिक गौरव और देशभक्ति की भावना को भी पुख़्ता करता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे साहिबज़ादों की तरह 'सत्य, न्याय और धर्म' के मार्ग पर चलें और देश को सकारात्मक दिशा दिखाने के लिए ख़ुद को तैयार करते रहें।