Saturday, 10th of January 2026

सुप्रीम कोर्ट से नेहा सिंह राठौर को बड़ी राहत: राजद्रोह मामले में गिरफ़्तारी पर लगी रोक

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 08th 2026 03:14 PM  |  Updated: January 08th 2026 03:14 PM
सुप्रीम कोर्ट से नेहा सिंह राठौर को बड़ी राहत: राजद्रोह मामले में गिरफ़्तारी पर लगी रोक

सुप्रीम कोर्ट से नेहा सिंह राठौर को बड़ी राहत: राजद्रोह मामले में गिरफ़्तारी पर लगी रोक

लखनऊ/नई दिल्ली: अपने तीखे राजनीतिक गीतों के लिए मशहूर भोजपुरी लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को उच्चतम न्यायालय से बड़ी क़ानूनी जीत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ दर्ज राजद्रोह के मामले में गिरफ़्तारी पर अंतरिम रोक (Interim Stay) लगा दी है। इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है। आरोप है कि नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इस हमले को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिन्हें पुलिस ने 'देशविरोधी' और 'सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला' माना।

FIR और धाराएं: लखनऊ के हज़रतगंज थाने में कवि अभय प्रताप सिंह की शिकायत पर उनके ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 (राजद्रोह जैसी गतिविधियां) और आईटी एक्ट के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया था।

आरोप: शिकायतकर्ता का दावा था कि नेहा के पोस्ट का इस्तेमाल पाकिस्तानी मीडिया भारत की छवि ख़राब करने के लिए कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और निर्देश

जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने नेहा की याचिका पर सुनवाई करते हुए:

गिरफ़्तारी पर रोक: उनकी गिरफ़्तारी पर अंतरिम रोक लगाई।

नोटिस जारी किया: कोर्ट ने शिकायतकर्ता और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

जांच में सहयोग: अदालत ने स्पष्ट किया कि नेहा को पुलिस जांच में सहयोग करना होगा और जब भी विवेचक (Investigating Officer) उन्हें बुलाएंगे, उन्हें उपस्थित होना होगा। अगली महत्वपूर्ण तारीख़ 19 जनवरी तय की गई है।

नेहा सिंह राठौर का बयान: "यह मेरे लिए सुखद ख़बर है"

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए नेहा सिंह राठौर ने न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा:

"मैंने अभी लिखित ऑर्डर नहीं पढ़ा है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला मेरी गिरफ़्तारी पर रोक का है, जो मेरे लिए बहुत सुखद ख़बर है। मैं इसके लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करती हूं।"

जांच में सहयोग के सवाल पर उन्होंने बताया कि वह पहले भी थाने गई थीं। उन्होंने कहा, "जब मुझे दूसरा नोटिस मिला, तब मैं बयान दर्ज कराने पहुंची थी, लेकिन उस दिन सूर्यास्त हो गया था, जिसके कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। आगे पुलिस की जो भी प्रक्रिया होगी, मैं उसमें पूरा सहयोग करूंगी।"

अभिव्यक्ति की आज़ादी बनाम क़ानूनी कार्रवाई

नेहा सिंह राठौर की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पैरवी की। उनका तर्क था कि सरकार की आलोचना करना या सवाल पूछना राजद्रोह नहीं है और पुलिस द्वारा लगाई गई धाराएं पूरी तरह से अनुचित हैं।

नेहा सिंह राठौर अक्सर अपने गीतों "यूपी में का बा" और "बिहार में का बा" के ज़रिए बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठाती रही हैं, जिसके कारण वह पहले भी कई बार क़ानूनी नोटिस का सामना कर चुकी हैं।