GTC News: संसद के 19 दिवसीय शीतकालीन सत्र के समापन के बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने चैंबर में पारंपरिक 'टी-पार्टी' (Tea Meeting) का आयोजन किया। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पहली बार सांसद बनीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं। सदन के अंदर तीख़ी बहस और हंगामे के बाद, चैंबर के भीतर का माहौल काफी हल्का और ख़ुशनुमा रहा।
#WATCH | दिल्ली | लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद के शीतकालीन सत्र के खत्म होने पर संसद भवन में अपने चैंबर में दलों के नेताओं और लोकसभा सांसदों के साथ बैठक की। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। pic.twitter.com/lG5kHv7hDD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 19, 2025
बैठक की मुख्य बातें: हंसी-मज़ाक और हल्के पल
सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच ज़बरदस्त टकराव देखने को मिला था, लेकिन स्पीकर के चैंबर में राजनीतिक मतभेद पीछे छूट गए:
चाय पर चर्चा: प्रधानमंत्री मोदी और प्रियंका गांधी को एक साथ चाय पीते और बातचीत करते देखा गया। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका ने पीएम मोदी से उनकी हालिया तीन देशों की विदेश यात्रा के बारे में जानकारी ली।
पीएम का चुटीला अंदाज़: प्रधानमंत्री मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि सत्र छोटा होने की वजह से सांसदों के गलों को नारेबाज़ी से ज़्यादा परेशानी नहीं हुई।
वायनाड की जड़ी-बूटियां: बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड की एक खास जड़ी-बूटी के स्वास्थ्य लाभों का ज़िक्र किया, जिस पर सभी नेताओं ने रुचि दिखाई।
उपस्थिति: बैठक में सपा के धर्मेंद्र यादव, एनसीपी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सहित कई दलों के नेता मौजूद रहे।
सत्र का लेखा-जोखा: 111% उत्पादकता
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने विदाई भाषण में बताया कि चुनौतियों और हंगामे के बावजूद 18वीं लोकसभा के इस छठे सत्र का प्रदर्शन शानदार रहा:
कामकाज: इस सत्र में कुल 15 बैठकें हुईं और सदन की उत्पादकता लगभग 111% रही।
पारित विधेयक: सत्र के दौरान 10 विधेयक पेश किए गए और 8 विधेयक पारित हुए। इनमें सबसे प्रमुख 'विक्षित भारत - गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक' (VB-G RAM G) रहा, जिसने मनरेगा (MGNREGA) का स्थान लिया है।
विशेष चर्चा: राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने पर सदन में 11 घंटे से अधिक की विशेष चर्चा हुई, जिसमें 65 सदस्यों ने भाग लिया।
विपक्ष का विरोध और हंगामा
भले ही अंत सौहार्दपूर्ण रहा, लेकिन सत्र का अंतिम दिन काफ़ी हंगामेदार रहा। विपक्ष ने मनरेगा के नाम बदलने और नए रोज़गार विधेयक को लेकर सदन में भारी विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने सदन के वेल में आकर नारेबाजी की और विधेयक की प्रतियां भी फाड़ीं, जिसे सभापति ने 'अशोभनीय आचरण' क़रार दिया।
"सदन देश की उम्मीदों और लोकतांत्रिक मूल्यों का सर्वोच्च मंच है। मुझे ख़ुशी है कि सदस्यों ने देर रात तक बैठकर महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा किया।"
— ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष
18वीं लोकसभा के छठे सत्र के समापन के पश्चात माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी एवं सभी दलों के गणमान्य नेताओं के साथ संसद भवन स्थित कार्यालय में सुखद वार्ता हुई। pic.twitter.com/MUXDD6opsV
— Om Birla (@ombirlakota) December 19, 2025
अगला क़दम: बजट सत्र 2026
अब सभी की निगाहें 2026 के बजट सत्र पर टिकी हैं, जहाँ सरकार अपना पूर्ण बजट पेश करेगी।