Saturday, 10th of January 2026

दिल्ली विधानसभा: गुरु तेग़ बहादुर के अपमान के आरोपों में घिरी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 07th 2026 02:45 PM  |  Updated: January 07th 2026 02:45 PM
दिल्ली विधानसभा: गुरु तेग़ बहादुर के अपमान के आरोपों में घिरी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री

दिल्ली विधानसभा: गुरु तेग़ बहादुर के अपमान के आरोपों में घिरी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री

GTC News: दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन (6 जनवरी 2026) सदन में उस समय भारी हंगामा और गहमागहमी देखने को मिली, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के अपमान का आरोप लगाया। इस मुद्दे को लेकर सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और आख़िरकार पूरे दिन के लिए ही स्थगित कर दी गई।

क्या है इस विवाद की मुख्य वजह?

विधानसभा सत्र के दौरान सदन में गुरु तेग़ बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों और उनकी शहादत पर चर्चा चल रही थी। भाजपा का आरोप है कि जब दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा गुरु साहिब के बलिदान पर बोल रहे थे, इस दौरान बीच में ही नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने हस्तक्षेप कर दिया।

भाजपा विधायकों की मानें तो आतिशी ने कथित तौर पर कहा कि "गुरुओं के सम्मान की चर्चा छोड़ो और प्रदूषण के मुद्दे पर बात करो।" भाजपा का कहना है कि पवित्र चर्चा के बीच इस तरह की टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि सिखों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है।

सदन में ज़बरदस्त विरोध और नारेबाज़ी

आतिशी के इस कथित बयान के बाद भाजपा विधायक आक्रोशित हो गए।

पोस्टर और नारेबाज़ी: भाजपा विधायक हाथों में पोस्टर लेकर सदन के बीचों-बीच (वेल) में आ गए, जिन पर लिखा था—"गुरुओं का अपमान नहीं सहेंगे।"

कार्यवाही स्थगित: हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को पहले सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए और फिर बार-बार के व्यवधान के बाद पूरे दिन (गुरुवार तक) के लिए स्थगित करनी पड़ी।

माफ़ी की मांग: कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने आतिशी से सार्वजनिक माफ़ी की मांग की है।

आतिशी के ख़िलाफ़ 'निंदा प्रस्ताव' की तैयारी

दिल्ली के क़ानून मंत्री कपिल मिश्रा ने कड़े शब्दों में इस व्यवहार की आलोचना करते हुए घोषणा की कि भाजपा सरकार सदन में आतिशी के ख़िलाफ़ निंदा प्रस्ताव (Censure Motion) लाएगी।

"किसी भी सदन में आज तक गुरुओं की शहादत पर चर्चा के दौरान ऐसा शर्मनाक व्यवहार नहीं देखा गया। उन्हें सदन और जनता से माफ़ी मांगनी होगी।" — कपिल मिश्रा

विधानसभा अध्यक्ष ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा है कि वह सदन की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच करेंगे और उसके आधार पर निंदा प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा।

क्या है आम आदमी पार्टी (AAP) का पक्ष?

विपक्ष (AAP) ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार और ध्यान भटकाने वाली राजनीति क़रार दिया है।

प्रदूषण पर चर्चा की मांग: AAP नेताओं का कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर है और वे इसी पर चर्चा चाहते थे।

आरोप का खंडन: पार्टी का तर्क है कि भाजपा प्रदूषण के मुद्दे पर अपनी विफ़लताओं को छिपाने के लिए उनकी बातों को ग़लत तरीक़े से पेश कर रही है। गोपाल राय ने कहा कि भाजपा सरकार चर्चा से भाग रही है और इसीलिए उनके विधायकों को मार्शल आउट किया जा रहा है।

क्या है फ़िलहाल की स्थिति?

फिलहाल, दिल्ली विधानसभा का माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। जहां भाजपा इसे 'धार्मिक अस्मिता' और 'सम्मान' का मुद्दा बना रही है, वहीं AAP इसे 'प्रदूषण' जैसे जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की साज़िश बता रही है।

आगे क्या होगा?

विधानसभा अध्यक्ष वीडियो फुटेज की समीक्षा करेंगे। यदि आतिशी की टिप्पणी आपत्तिजनक पाई जाती है, तो उनके खिलाफ आधिकारिक रूप से निंदा प्रस्ताव लाया जा सकता है।