हरचरण सिंह ने रचा इतिहास, पाकिस्तान के पहले सिख लेफ्टिनेंट कर्नल बने
पाकिस्तान: पाकिस्तानी थल सेना में जगह बनाकर इतिहास रचने वाले हरचरण सिंह ने अब एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है। हरचरण सिंह लेफ्टिनेंट कर्नल का रैंक हासिल करने वाले पहले सिख बन गए हैं। श्री ननकाना साहिब में 1987 में जन्मे और अब लेफ्टिनेंट कर्नल के पद तक पहुंच चुके हरचरण सिंह का पालन-पोषण सिख सिद्धांतों, रहित मर्यादा और अनुशासन वाले माहौल में हुआ। उनकी लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में पदोन्नति को 2025 के अंत में आयोजित कड़े चयन बोर्ड मूल्यांकन के बाद मंजूरी दी गई थी।
20 वर्ष की आयु में शुरू हुआ था पाकिस्तानी सेना में शामिल होने का सफर
पाकिस्तानी पंजाब के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने कहा कि पाकिस्तानी सेना में कई ईसाइयों ने सेवा दी है, लेकिन आज तक कोई भी हिंदू या सिख लेफ्टिनेंट कर्नल के पद तक नहीं पहुंच पाया था। लेफ्टिनेंट कर्नल हरचरण सिंह 20 वर्ष की आयु में कैप्टन के रूप में पाकिस्तानी सेना में शामिल हुए थे और उन्हें अक्टूबर 2007 में 116वें पीएमए लॉन्ग कोर्स में कमीशन प्राप्त हुआ था।

हरचरण सिंह ने अपने करियर की शुरुआत ऑर्डनेंस कोर में की, इसके बाद उन्होंने स्वेच्छा से कॉम्बैट भूमिका के लिए आवेदन किया, जिसके परिणामस्वरूप उनका तबादला बलूच रेजिमेंट की 12वीं बटालियन में कर दिया गया। मेजर के पद पर रहते हुए उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिचालन क्षेत्रों में सेवाएं दीं।
लेफ्टिनेंट कर्नल सिंह सभी धर्मों की समानता और एकता का उज्ज्वल उदाहरण हैं
इस उपलब्धि की सराहना करते हुए मंत्री अरोड़ा ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल सिंह की उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के लिए कोई बाधा नहीं है और सफलता के मानदंड केवल प्रतिभा तय करती है। सिंह पाकिस्तान में सभी धर्मों की समानता और एकता का उज्ज्वल उदाहरण हैं।

मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने आगे कहा कि जब वो सिख समुदाय के सदस्य के रूप में अगली बार अपने गृहनगर आएंगे तो हम उनका भव्य स्वागत करेंगे। सिंह के भाई मस्तान सिंह, जो पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने इस पदोन्नति को अत्यंत गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल सिंह बाबा नानक की नगरी और पूरे सिख समुदाय का गौरव हैं।