Saturday, 10th of January 2026

योगी-मोदी मुलाक़ात: यूपी में 'मिशन 2027' की तैयारी और मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 05th 2026 05:12 PM  |  Updated: January 05th 2026 05:12 PM
योगी-मोदी मुलाक़ात: यूपी में 'मिशन 2027' की तैयारी और मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट

योगी-मोदी मुलाक़ात: यूपी में 'मिशन 2027' की तैयारी और मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे ने राज्य की सियासत में हलचल तेज़ कर दी है। 5 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) पर मुलाक़ात की। क़रीब एक घंटे तक चली इस लंबी बैठक के बाद उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और बड़े प्रशासनिक फे़रबदल की अटकलों को बल मिला है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर हैं। नए साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी यह पहली औपचारिक भेंट है। हालांकि इस मुलाक़ात को आधिकारिक तौर पर 'शिष्टाचार भेंट' बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इसका मुख्य एजेंडा मकर संक्रांति (14 जनवरी) के बाद होने वाला यूपी कैबिनेट का विस्तार है।

मुलाक़ात के मुख्य बिंदु और संभावित एजेंडा

मंत्रिमंडल विस्तार: उत्तर प्रदेश कैबिनेट में वर्तमान में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम सीमा 60 है। यानी 6 पद खाली हैं। सूत्रों के मुताबिक़, कुछ मौजूदा मंत्रियों की परफॉर्मेंस के आधार पर उनकी छुट्टी हो सकती है और नए चेहरों, ख़ासकर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी की कैबिनेट में वापसी की संभावना जताई जा रही है।

संगठन में बदलाव: हाल ही में पंकज चौधरी को यूपी बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके बाद संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कई नए पदाधिकारियों को सरकार में जगह मिल सकती है।

जातीय और क्षेत्रीय समीकरण: आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, बीजेपी नेतृत्व कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश में है।

विकास परियोजनाओं की समीक्षा: सीएम योगी ने पीएम मोदी को राज्य में चल रही बड़ी परियोजनाओं, जैसे जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारियों और औद्योगिक गलियारों (SIR) के विकास की प्रगति से अवगत कराया।

वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बैठकों का दौर

प्रधानमंत्री से मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाक़ात की:

जेपी नड्डा: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ आगामी संगठनात्मक चुनावों और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई।

नितिन नबीन: भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के साथ भी सीएम की बैठक हुई, जिसमें चुनावी रणनीति और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर ज़ोर दिया गया।

अमित शाह: मुख्यमंत्री शाम को गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाक़ात कर सकते हैं, जिसमें राज्य की क़ानून-व्यवस्था और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर मंथन संभावित है।

कैबिनेट विस्तार में किन नामों की चर्चा?

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक़, मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले संभावित चेहरों में निम्नलिखित नाम सबसे आगे हैं:

भूपेंद्र सिंह चौधरी: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष।

डॉ. महेंद्र सिंह: एमएलसी और वरिष्ठ नेता।

आकाश सक्सेना: रामपुर से विधायक।

राजेश चौधरी: मांट (मथुरा) से विधायक।

'मिशन-27' का रोडमैप

यह दौरा केवल मंत्रिमंडल विस्तार तक सीमित नहीं है। जानकारों का मानना है कि 2024 के आम चुनाव परिणामों के बाद बीजेपी अब यूपी में अपनी पकड़ दोबारा मज़बूत करना चाहती है। दिल्ली में हो रहा यह 'मंथन' 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत और समावेशी 'रोडमैप' तैयार करने की दिशा में एक बड़ा क़दम है।