Saturday, 10th of January 2026

आज़म ख़ान को जेल में प्रताड़ना? तज़ीन फ़ातिमा के संगीन आरोप!

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  January 09th 2026 02:36 PM  |  Updated: January 09th 2026 02:36 PM
आज़म ख़ान को जेल में प्रताड़ना? तज़ीन फ़ातिमा के संगीन आरोप!

आज़म ख़ान को जेल में प्रताड़ना? तज़ीन फ़ातिमा के संगीन आरोप!

रामपुर/सीतापुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खान की जेल में स्थिति को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल उनकी पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तज़ीन फ़तिमा ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आज़म ख़ान को जेल में प्रताड़ित किया जा रहा है और उन्हें वे मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं, जिनके वे क़ायदे से हक़दार हैं। यानी हाल ही में जेल में आज़म ख़ान से मुलाक़ात के बाद तज़ीन फ़ातिमा का दर्द छलक उठा। ऐसे में कहा जा सकता है कि समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आज़म ख़ान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीतापुर जेल में बंद आज़म ख़ान के स्वास्थ्य और उन्हें दी जा रही सुविधाओं को लेकर उनकी पत्नी डॉ. तज़ीन फ़तिमा ने जेल प्रशासन और सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है।

'A' कैटेगरी की सुविधाओं का अभाव!

तज़ीन फ़ातिमा के मुताबिक़, आज़म ख़ान को जेल मैनुअल के हिसाब से 'ए' (A) श्रेणी के कै़दी का दर्जा प्राप्त है। आमतौर इस श्रेणी के कैदियों को कुछ विशेष सुविधाएं जैसे बेहतर बिस्तर, लिखने-पढ़ने की सामग्री और स्वास्थ्य संबंधी विशेष देखभाल मिलनी चाहिए। तज़ीन फ़ातिमा का आरोप है कि:

आज़म ख़ान को कड़ाके की ठंड में भी पर्याप्त कंबल और गर्म कपड़े मुहैया नहीं कराए जा रहे हैं।

यही नहीं, उन्हें ज़मीन पर सोने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी और जोड़ों की समस्या बढ़ गई है।

जेल प्रशासन उन्हें निर्धारित डाइट और दवाइयां समय पर नहीं दे रहा है।

आज़म ख़ान के स्वास्थ्य की स्थिति नाज़ुक!

गौरतलब है कि 77 वर्षीय आज़म ख़ान लंबे समय से कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। तज़ीन फ़ातिमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है, वे बेहद कमज़ोर हो गए हैं और उन्हें चलने-फिरने में भी तकलीफ़ हो रही है, जेल में उन्हें जिस तरह रखा जा रहा है, वह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।" उन्होंने इसे 'हिरासत में प्रताड़ना' (Custodial Torture) क़रार दिया है।

राजनीतिक बदले की भावना का आरोप

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और परिवार का कहना है कि यह सब राजनीतिक विद्वेष के चलते किया जा रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी समय-समय पर आज़म ख़ान के साथ हो रहे व्यवहार को अन्यायपूर्ण बताया है। तज़ीन फ़ातिमा ने चेतावनी दी है कि अगर आज़म ख़ान के स्वास्थ्य को कुछ भी होता है, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

जेल प्रशासन का पक्ष

हालांकि, जेल प्रशासन ने इन आरोपों को निराधार बताया है। अधिकारियों का कहना है कि आज़म ख़ान को जेल मैनुअल के अनुसार तमाम सहूलियतें दी जा रही हैं और उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच डॉक्टरों की टीम के ज़रिए की जाती है।

क्या है इस मामले की पृष्ठभूमि?

आज़म ख़ान, उनकी पत्नी तज़ीन फ़ातिमा और बेटे अब्दुल्ला आज़म को फर्ज़ी जन्म प्रमाण पत्र मामले में कोर्ट ने 7-7 साल की सज़ा सुनाई थी। हालांकि तंज़ीन फ़ातिमा ज़मानत पर बाहर हैं, लेकिन आज़म ख़ान अभी भी जेल में सज़ा काट रहे हैं, उनके ख़िलाफ़ दर्जनों अन्य मुक़दमे भी विचाराधीन हैं।