अयोध्या: नए साल (2026) के मौक़े पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतज़ाम किए हैं। राम नगरी अयोध्या में 1 जनवरी को क़रीब 5 लाख से ज़्यादा भक्तों के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था से जुड़ी अहम जानकारी:
सुरक्षा घेरा और निगरानी
ड्रोन और CCTV: पूरे अयोध्या धाम और संवेदनशील इलाक़ों की निगरानी ड्रोन कैमरों और CCTV के ज़रिए की जा रही है।
सुरक्षा बल: राम मंदिर और शहर की सुरक्षा के लिए SSF (Special Security Force), CRPF और सिविल पुलिस के लगभग 2500 जवान तैनात किए गए हैं।
सादे कपड़ों में पुलिस: भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में भी तैनात रहेंगे।
#WATCH | अयोध्या, उत्तर प्रदेश: CO आशुतोष तिवारी ने कहा, "...अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं की भारी संख्या दर्शन के लिए आ रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु संपूर्ण अयोध्या धाम क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों और ज़ोन में विभाजित किया गया है। सेक्टरवार और ज़ोनवार तैनाती की गई है। साथ ही… https://t.co/EkHTiOCHoY pic.twitter.com/QTAcBUZn2c
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 29, 2025
भीड़ प्रबंधन (Crowd Management)
सात कतारों में दर्शन: सामान्य दिनों में 5 कतारों में दर्शन होते हैं, लेकिन भीड़ बढ़ने पर राम मंदिर में 7 कतारों की व्यवस्था की जाएगी ताकि दर्शन सुचारू रूप से हो सकें।
होल्डिंग एरिया: शहर के प्रवेश द्वारों पर होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। अगर भीड़ बेतहाशा बढ़ती है, तो श्रद्धालुओं को समूहों में ही शहर के भीतर प्रवेश दिया जाएगा।
हनुमानगढ़ी में जत्थों में प्रवेश: हनुमानगढ़ी मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है और भक्तों को जत्थों (groups) में भेजा जा रहा है।
यातायात और चेकिंग
वाहनों की जांच: अयोध्या में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। शराब के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चार पहिया वाहनों की तलाशी ली जा रही है।
ड्रंक एंड ड्राइव: 'ब्रेथ एनालाइज़र' के ज़रिए वाहन चालकों की जांच की जा रही है ताकि नशे में गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
रूट डायवर्ज़न: दबाव बढ़ने पर प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ज़न लागू करने की योजना तैयार है।
अन्य महत्वपूर्ण बातें
VIP पास: 1 जनवरी 2026 तक के सभी VIP पास पहले ही बुक हो चुके हैं।
समय में बदलाव: भारी भीड़ की स्थिति में मंदिर के कपाट सामान्य समय से एक घंटा पहले (सुबह 4 बजे) खोले जा सकते हैं।
सरयू आरती: नए साल पर सरयू तट पर विशेष महाआरती का आयोजन होगा, जिसके लिए घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे।
सुझाव: यदि आप दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो कम से कम सामान साथ ले जाएं और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (Public Address System) द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें।