Sunday, 11th of January 2026

ग्रेटर नोएडा में किसानों का प्रबल विरोध: बुलडोज़र के आगे डटकर रोकी अतिक्रमण कार्रवाई

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 10th 2025 06:38 PM  |  Updated: December 10th 2025 06:38 PM
ग्रेटर नोएडा में किसानों का प्रबल विरोध: बुलडोज़र के आगे डटकर रोकी अतिक्रमण कार्रवाई

ग्रेटर नोएडा में किसानों का प्रबल विरोध: बुलडोज़र के आगे डटकर रोकी अतिक्रमण कार्रवाई

ग्रेटर नोएडा: बुधवार को (10 दिसंबर 2025) उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित अच्छेजा गांव में उस समय प्रशासन की नींद उड़ गई, जब अतिक्रमण हटाने पहुँची नोएडा प्राधिकरण की टीम को किसानों के अभूतपूर्व विरोध का सामना करना पड़ा। किसान इतने एकजुट और दृढ़ थे कि वे सीधे बुलडोज़र के आगे खड़े हो गए और उस पर चढ़कर कार्रवाई को रोक दिया। इस प्रबल विरोध के चलते प्राधिकरण की टीम को बिना कोई कार्रवाई किए हताश होकर लौटना पड़ा, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

क्या था पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक़, नोएडा प्राधिकरण की एक टीम अतिक्रमण हटाने के लिए भारी पुलिस बल और बुलडोज़र के साथ अच्छेजा गाँव पहुँची थी। यह कार्रवाई गाँव की सरकारी या अधिग्रहित भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के उद्देश्य से की जानी थी।

किसानों ने हाथों-हाथ रोका बुलडोज़र

जैसे ही प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया, गांव के सैकड़ों किसान, पुरुष और महिलाएं दोनों, एकजुट होकर सामने आ गए। विरोध का यह तरीक़ा बेहद नाटकीय और प्रभावी था।

बुलडोज़र पर क़ब्ज़ा: कई किसानों ने आगे बढ़कर सीधे बुलडोज़र के ब्लेड और इंजन पर चढ़कर अपना विरोध जताना शुरू कर दिया।

मानव श्रंखला: किसानों ने बुलडोज़र के चारों ओर एक मजबूत मानव श्रंखला बना ली, जिससे मशीन को आगे बढ़ाना या इस्तेमाल करना असंभव हो गया।

प्रशासन हुआ पस्त: किसानों का यह विरोध इतना प्रबल और भावनाओं से भरा था कि प्राधिकरण के अधिकारी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पीछे हटने को मजबूर हो गए।

बिना कार्रवाई लौटी टीम

विरोध के आगे प्रशासन की एक न चली। घंटों तक चले गतिरोध के बाद, प्राधिकरण की टीम को अंततः हताश होकर बैरंग लौटना पड़ा। बिना एक भी अतिक्रमण हटाए टीम के वापस लौटने की यह घटना स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है और इससे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

अब आगे क्या होगा?

इस घटना ने सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण और किसानों के मुआवजे़ व अधिकारों को लेकर चल रहे विवादों को एक बार फिर से सतह पर ला दिया है। अब देखना यह है कि नोएडा प्राधिकरण और ज़िला प्रशासन इस प्रबल और संगठित विरोध से निपटने के लिए आगे क्या रणनीति अपनाते हैं। माना जा रहा है कि उच्च अधिकारियों की बैठक के बाद ही अगले कदम पर फैसला लिया जाएगा।