Sunday, 11th of January 2026

अयोध्या में 'प्रतिष्ठा द्वादशी' का आगाज़: सात दिनों तक उत्सव में डूबेगी रामनगरी

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 27th 2025 03:00 PM  |  Updated: December 27th 2025 02:00 PM
अयोध्या में 'प्रतिष्ठा द्वादशी' का आगाज़: सात दिनों तक उत्सव में डूबेगी रामनगरी

अयोध्या में 'प्रतिष्ठा द्वादशी' का आगाज़: सात दिनों तक उत्सव में डूबेगी रामनगरी

अयोध्या: राम मंदिर के उद्घाटन के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आज से विशेष धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हो रहे हैं। 27 दिसंबर से शुरू होकर यह कार्यक्रम 2 जनवरी 2026 तक चलेंगे। इस दौरान पूरी अयोध्या को दीपों और फूलों से सजाया गया है।

           प्रमुख कार्यक्रम और तिथियाँ (शेड्यूल)

तिथि                                                         कार्यक्रम का विवरण

27 दिसंबर (आज)                                 अनुष्ठान का प्रारंभ: मंडल पूजा और ध्वज पूजन। 108 वैदिक विद्वानों द्वारा विशेष अर्चना।

29 दिसंबर                                              रामचरितमानस पाठ का शुभारंभ (अंगद टीला पर सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक)।

29 दिसंबर                                              राम कथा सत्र: जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य जी द्वारा दोपहर 2 से 5 बजे तक प्रवचन।

31 दिसंबर                                              मुख्य समारोह (प्रतिष्ठा द्वादशी): रामलला का विशेष अभिषेक और सात उप-मंदिरों के शिखर पर ध्वजारोहण।

1 - 2 जनवरी                                          सांस्कृतिक कार्यक्रम: अनूप जलोटा, सुरेश वाडेकर जैसे दिग्गजों द्वारा भजन और नृत्य नाटिका।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी होंगे शामिल

31 दिसंबर को होने वाले मुख्य उत्सव में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।

ध्वजारोहण: रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री मंदिर परिसर में नवनिर्मित सात उप-मंदिरों (शिव, सूर्य, गणपति, हनुमान, भगवती, अन्नपूर्णा और शेषावतार) के शिखरों पर धर्म ध्वजा फहराएंगे।

अभिषेक का सीधा प्रसारण: रामलला के मुख्य गर्भगृह में होने वाले अभिषेक समारोह का दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण किया जाएगा ताकि दुनिया भर के भक्त घर बैठे दर्शन कर सकें।

सुरक्षा और श्रद्धालुओं के लिए पुख़्ता इंतज़ाम

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक़, उत्सव के दौरान भी आम भक्तों के लिए दर्शन की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रहेगी।

सुग्रीव पथ: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अंगद टीला तक पहुंचने हेतु सुग्रीव पथ का मार्ग खोला गया है।

स्वास्थ्य सुविधा: परिसर में 3000 वर्ग मीटर में अत्याधुनिक हेल्थ केयर सिस्टम विकसित किया गया है।

पुष्प सज्जा: पूरे मंदिर परिसर को लगभग 100 टन फूलों से सजाया जा रहा है।

गौरतलब है कि इस बार के उत्सव में उन समुदायों (निषाद और शबरी माता के वंशजों) को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जिनका रामायण काल में प्रभु राम के साथ गहरा संबंध रहा है। बहरहाल कहा जा सकता है कि यह दो साल का जश्न केवल एक तिथि नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के पुनरुद्धार का प्रतीक है। अगले सात दिनों तक अयोध्या में भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से त्रेतायुग जैसी दिव्यता का अनुभव होगा।