Sunday, 11th of January 2026

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के बाद अब बनेगा पुराने मंदिर का मेमोरियल

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 13th 2025 05:00 PM  |  Updated: December 13th 2025 05:13 PM
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के बाद अब बनेगा पुराने मंदिर का मेमोरियल

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के बाद अब बनेगा पुराने मंदिर का मेमोरियल

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया है कि अयोध्या का भव्य राम मंदिर निर्माण की दृष्टि से 'पूर्ण' हो चुका है। हालांकि, मंदिर परिसर को अंतिम रूप देने और बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से संबंधित दो महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण अभी बाकी है, जिसके मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

मुख्य निर्माण कार्य संपन्न

नृपेंद्र मिश्रा ने मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया, "मंदिर पूर्ण हो चुका है।" इसका तात्पर्य यह है कि वह मुख्य ढांचा जिसके लिए पिछले कई वर्षों से कार्य चल रहा था, अब बनकर तैयार है। यह घोषणा राम भक्तों के लिए एक बड़ी राहत और ख़ुशी का विषय है, जो लंबे समय से इस ऐतिहासिक पल का इंतज़ार कर रहे थे।

शेष कार्य: मेमोरियल और बलिदानी स्मारक

मिश्रा ने बताया कि मुख्य मंदिर निर्माण के बाद अब केवल दो मंदिर से संबंधित चीज़ें बनाई जानी हैं:

पुराने मंदिर का मेमोरियल: यह स्मारक उस प्राचीन मंदिर के स्थान को याद करने और उसकी गरिमा को बनाए रखने के लिए बनाया जा रहा है, जहाँ वर्तमान भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। यह सदियों के संघर्ष और आस्था का प्रतीक होगा।

बलिदानियों का स्मारक: यह स्मारक उन अनगिनत कारसेवकों और बलिदानियों की याद में बनाया जा रहा है, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। मिश्रा ने इसे "हमारी तरफ़ से उन्हें श्रद्धांजलि" बताया है।

मार्च 2026 तक समय सीमा निर्धारित

निर्माण समिति के अध्यक्ष ने जानकारी दी कि कल (गुरुवार) की समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट हुआ है कि ये दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाएं - पुराने मंदिर का मेमोरियल और बलिदानियों का स्मारक - मार्च 2026 तक पूर्ण होंगी।

इस घोषणा के साथ ही, राम मंदिर परिसर एक पूर्ण तीर्थस्थल के रूप में अपनी अंतिम अवस्था में प्रवेश कर जाएगा, जहां न केवल भगवान श्रीराम का दिव्य मंदिर होगा, बल्कि देश और धर्म के लिए बलिदान देने वालों को भी उचित सम्मान और स्थान प्राप्त होगा।