Sunday, 11th of January 2026

संभल: क़ब्रिस्तान की जमीन पर पैमाइश और पुलिस-प्रशासन की क़ानूनी कार्रवाई!

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 30th 2025 05:00 PM  |  Updated: December 30th 2025 03:35 PM
संभल: क़ब्रिस्तान की जमीन पर पैमाइश और पुलिस-प्रशासन की क़ानूनी कार्रवाई!

संभल: क़ब्रिस्तान की जमीन पर पैमाइश और पुलिस-प्रशासन की क़ानूनी कार्रवाई!

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल ज़िले में 30 दिसंबर 2025 को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जामा मस्जिद के पास मौजूद क़ब्रिस्तान की ज़मीन पर अवैध क़ब्जे़ की पैमाइश (नाप-जोख) शुरू कर दी है। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मौके़ पर मौजूद हैं।

क्या है इस मामले की पृष्ठभूमि?

यह विवाद संभल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के निकट स्थित गाटा संख्या 32/2 की भूमि से जुड़ा है। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक़, यह लगभग 0.478 हेक्टेयर (करीब 8 बीघा) ज़मीन क़ब्रिस्तान के रूप में दर्ज है।

शिकायत: 'श्री कल्कि सेना' के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट सुभाष चंद्र त्यागी ने 12 दिसंबर को ज़िलाधिकारी से शिकायत की थी कि इस ज़मीन पर पिछले 20-25 वर्षों में अवैध रूप से 22 से ज़्यादा मकान और दुकानें बना ली गई हैं।

आरोप: शिकायत में यह भी कहा गया कि 24 नवंबर को संभल में हुई हिंसा के दौरान इन्हीं मकानों की छतों से पत्थरबाज़ी की गई थी, इसलिए इन अवैध निर्माणों को चिह्नित करना सुरक्षा की नज़र से भी ज़रूरी है।

मौके़ पर DM-SP और भारी सुरक्षा बल

पैमाइश की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पूरे इलाके़ को छावनी में तब्दील कर दिया है:

अधिकारियों की मौजूदगी: ज़िलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मौके़ पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया।

सुरक्षा घेरा: इलाके में PAC (Provincial Armed Constabulary), RRF (Rapid Response Force) और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

निगरानी: संवेदनशील इलाकों और छतों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और CCTV का सहारा लिया जा रहा है।

पैमाइश की प्रक्रिया

राजस्व विभाग ने इस कार्य के लिए एक विशाल टीम का गठन किया है:

29 सदस्यीय टीम: एसडीएम रामानुज और तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 22 लेखपाल और 4 क़ानूनगो इस टीम का हिस्सा हैं।

तकनीकी जांच: टीम पुराने राजस्व रिकॉर्ड्स (NZA रिकॉर्ड) और नक्शों के आधार पर ज़मीन की पैमाइश कर रही है, ताकि यह साफ़ हो सके कि क़ब्रिस्तान की मूल सीमा के भीतर कितने पक्के निर्माण हुए हैं।

वर्तमान स्थिति: पैमाइश शुरू होते ही इलाके़ में हड़कंप मच गया और कई मकानों व दुकानों के मालिक मौके़ से नदारद दिखे।

क्या होगी आगे की कार्रवाई?

ज़िलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने साफ़ किया है कि पैमाइश की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे का फ़ैसला लिया जाएगा:

जांच रिपोर्ट: पैमाइश पूरी होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट ज़िलाधिकारी को सौंपेगी।

अवैध क़ब्जे़: यदि रिपोर्ट में अवैध क़ब्जे़ की पुष्टि होती है, तो प्रशासन इन निर्माणों को गिराने (बुलडोज़र कार्रवाई) या उन्हें खाली कराने की क़ानूनी प्रक्रिया शुरू करेगा।

समय सीमा: अधिकारियों के मुताबिक़, जांच और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया अगले 7 दिनों के भीतर पूरी की जा सकती है।

ताज़ा अपडेट: प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और किसी भी तरह की अफ़वाह न फैलाने की चेतावनी दी है। सुरक्षा बल लगातार संवेदनशील गलियों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं।