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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान पूरा होने के बाद, निर्वाचन आयोग ने 6 जनवरी 2026 को मतदाता सूची का पहला ड्राफ्ट रोल (प्रारूप मतदाता सूची) आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। इस बार की मतदाता सूची कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि शुद्धिकरण अभियान के दौरान राज्य में रिकॉर्ड संख्या में नाम हटाए गए हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य की नई ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की। 'विशेष गहन पुनरीक्षण-2026' (SIR) के तहत हुए इस व्यापक अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से त्रुटिमुक्त और पारदर्शी बनाना था।
#WATCH | लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश में SIR के बाद पहला ड्राफ्ट रोल जारी होने पर कहा, "एक जिम्मेदार राजनीतिक दल के नाते भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता हर बूथ पर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है। जो ड्राफ्ट लिस्ट आई है उसमें लगभग 2 करोड़ 90… pic.twitter.com/Oyz47L1juB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 7, 2026
बड़े पैमाने पर हटाए गए नाम!
SIR अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा 'क्लीन-अप' अभियान चलाया गया। आंकड़ों के मुताबिक़:
कुल हटाए गए नाम: लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं।
प्रमुख कारण: *मृतक: क़रीब 46.23 लाख (2.99%)।
स्थानांतरित (Shifted/Absent): लगभग 2.17 करोड़ (14.06%) लोग जो अपने मूल पते पर नहीं मिले।
दोहरी प्रविष्टि (Duplicates): करीब 25.46 लाख (1.65%) मतदाता जिनके नाम एक से अधिक बार दर्ज थे।
#WATCH | लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, "SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची बन चुकी है। भाजपा पारदर्शिता पूर्ण, सुचितापूर्ण चुनाव हो इसकी पक्षघर है। ड्राफ्ट सूची में सभी कार्यकर्ता अपना नाम, अपने परिवार जनों का नाम, जांच लें। किसी भी ऐसे व्यक्ति का नाम न छूटने… pic.twitter.com/jXgXrZleaW
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 7, 2026
मतदाता सूची की वर्तमान स्थिति
इस ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या में भारी बदलाव आया है:
कुल मतदाता (अक्टूबर 2025): 15.44 करोड़ से अधिक।
वर्तमान मतदाता (ड्राफ्ट रोल): अब राज्य में 12.55 करोड़ मतदाता शेष बचे हैं।
रिटेंशन रेट: लगभग 81.3% मतदाताओं के नाम बरकरार रखे गए हैं।
'दावे और आपत्तियां' (Claims & Objections)
ड्राफ्ट रोल जारी होने के साथ ही जनता के लिए सुधार का अवसर शुरू हो गया है:
समय सीमा: 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक।
सुधार की प्रक्रिया: यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम गलती से कट गया है या वह नया मतदाता (1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण) बनना चाहता है, तो वह फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकता है।
अन्य फॉर्म: नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है।
ऑनलाइन सुविधा: मतदाता voters.eci.gov.in या वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से अपना नाम चेक कर सकते हैं।
#WATCH | लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा, "किसी भी वोटर का नाम SIR में नहीं काटा जा रहा, विपक्ष यह भ्रम फैला रहा है। ऐसे नाम हटाए गए हैं जो डुप्लीकेट हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है, या जो लोग कहीं और शिफ्ट हो गए हैं... इस तरह अगर निष्पक्ष तरीके से चुनाव… pic.twitter.com/PIQZ1zYjCx
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 7, 2026
महत्वपूर्ण तारीख़ें: एक नज़र में
गतिविधि निर्धारित तिथि
ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन 6 जनवरी, 2026
दावे और आपत्तियां दर्ज करना 6 जनवरी – 6 फरवरी, 2026
निस्तारण और सत्यापन अवधि 6 फरवरी – 27 फरवरी, 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 मार्च, 2026
#WATCH | लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओ.पी. राजभर ने प्रदेश में SIR के बाद पहला ड्राफ्ट रोल जारी होने पर कहा, "जो SIR हो रहा है, वह 21 वर्ष के बाद हो रहा है। मृतक लोग 46 लाख से अधिक हैं जिनके नाम कटे हैं। 1 करोड़ 23 लाख ऐसे मतदाता हैं जो स्थानांतरित हो गए... अब उनका नाम एक… pic.twitter.com/D43CVJ4gFL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 7, 2026
चुनाव की तैयारी की ओर क़दम
इस बार की SIR प्रक्रिया डिजिटल रूप से काफी सशक्त थी। इसमें 15,000 से अधिक नए मतदान केंद्रों का सृजन और हर गणना फॉर्म का डिजिटलीकरण शामिल था। सरकार का मक़सद है कि मार्च में आने वाली अंतिम सूची के आधार पर आगामी चुनावों के लिए एक पारदर्शी और सटीक डेटाबेस तैयार हो सके।