लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला। अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सीएम योगी ने विपक्ष को 'चुनिंदा आक्रोश' और तुष्टीकरण की राजनीति के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने ख़ास तौर से बांग्लादेश में दलित हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या का जिक्र करते हुए विपक्ष की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए।
"गाज़ा के लिए आंसू, हिंदुओं के लिए मौन"
मुख्यमंत्री ने सदन में विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "जब गाज़ा में कोई घटना होती है, तो ये लोग सड़कों पर उतर आते हैं और कैंडल मार्च निकालते हैं। लेकिन जब पड़ोसी देश बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं और दलितों को निशाना बनाया जाता है, तो इनकी 'ज़ुबान सिल जाती है'।"
कैंडल मार्च निकालते हैं गाजा के मुद्दे को लेकर,लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू मारा जाता है, तो आपके मुंह बंद हो जाते हैं,क्योंकि वहां मरने वाला हिंदू है, दलित है... pic.twitter.com/rg0LE1iSxl
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 24, 2025
दलित कार्ड पर पलटवार: सीएम योगी ने कहा, "आप लोग ख़ुद को दलितों का मसीहा बताते हैं, लेकिन बांग्लादेश में एक दलित नौजवान को ज़िंदा जला दिया गया और आप में से किसी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। क्या वह दलित नहीं था? आपकी संवेदनाएं केवल वोट बैंक तक ही सीमित हैं।"
निंदा प्रस्ताव की मांग: उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से मांग की कि विपक्ष को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के ख़िलाफ़ सदन में एक निंदा प्रस्ताव लाना चाहिए।
अवैध घुसपैठियों पर कड़ी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विपक्ष पर इन्हें संरक्षण देने और इनका आधार कार्ड बनवाने में मदद करने का आरोप लगाया।
"मैं चेतावनी देता हूँ, जब हम इन अवैध घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाएंगे, तो उनके समर्थन में मत आना। आपने इन्हें वोट बैंक के लिए बसाया है, लेकिन अब इनकी स्क्रीनिंग होगी और क़ानून अपना काम करेगा।"
विभाजन और तुष्टीकरण पर हमला
योगी आदित्यनाथ ने इतिहास का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज जो हिंदुओं के साथ हो रहा है, वह तुष्टीकरण की उस राजनीति का परिणाम है जिसके कारण पाकिस्तान और बांग्लादेश का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि अगर विभाजन न हुआ होता, तो आज किसी हिंदू को इस तरह प्रताड़ित नहीं किया जाता।