Friday, 9th of October 2026

सीएम योगी ने 'हेल्थ टेक कॉन्क्लेव 1.0' का किया उद्घाटन; बोले- "तकनीक से सुधरेगी स्वास्थ्य सेवा"

Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at:
सीएम योगी ने 'हेल्थ टेक कॉन्क्लेव 1.0' का किया उद्घाटन; बोले- "तकनीक से सुधरेगी स्वास्थ्य सेवा"

सीएम योगी ने 'हेल्थ टेक कॉन्क्लेव 1.0' का किया उद्घाटन; बोले- "तकनीक से सुधरेगी स्वास्थ्य सेवा"

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में आयोजित 'हेल्थ टेक कॉन्क्लेव 1.0' का उद्घाटन किया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञों, स्वास्थ्य पेशेवरों और स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने इस मौक़े पर साफ़ किया कि उनकी सरकार तकनीक के माध्यम से राज्य के अंतिम व्यक्ति तक सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

यूपी बनेगा हेल्थ टेक का 'पावर हाउस'

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ की आबादी के साथ देश का सबसे बड़ा 'कंज्यूमर मार्केट' है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यूपी न केवल अपने निवासियों बल्कि पड़ोसी राज्यों और नेपाल जैसे देशों की स्वास्थ्य ज़रूरतों को भी पूरा करता है।

"एआई और नई तकनीक केवल उपकरण नहीं हैं, बल्कि ये सुशासन और बेहतर स्वास्थ्य सेवा वितरण के माध्यम से जन-विश्वास को मज़बूत करने के माध्यम हैं।" — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

भाषण की मुख्य बातें और बड़ी घोषणाएं

यूपी एआई मिशन (UP AI Mission): मुख्यमंत्री ने ₹2,000 करोड़ के 'यूपी एआई मिशन' की घोषणा की, जिसे अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीक़े से लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में एआई-आधारित डायग्नोसिस और डेटा प्रबंधन को बढ़ावा देना है।

मेडिकल कॉलेज और इन्फ्रास्ट्रक्चर: सीएम ने बताया कि 2017 से पहले राज्य में केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज 81 मेडिकल कॉलेज क्रियाशील हैं और दो एम्स (AIIMS) राज्य की सेवा में हैं।

एआई सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: लखनऊ को 'एआई सिटी' के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही, गौतम बुद्ध नगर और आईआईटी कानपुर में तकनीकी नवाचार के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का प्रभाव

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन किया और POCT ग्रुप जैसे स्टार्टअप्स द्वारा किए जा रहे डिजिटल प्रयासों की सराहना की। चर्चा के प्रमुख विषय रहे:

एआई-आधारित डायग्नोसिस: टीबी स्क्रीनिंग, रेडियोलॉजी और कैंसर की जल्द पहचान के लिए एआई टूल्स का उपयोग।

वर्चुअल आईसीयू और टेलीमेडिसिन: दूरदराज के गांवों में विशेषज्ञों की सलाह पहुंचाने के लिए ई-संजीवनी और वर्चुअल आईसीयू नेटवर्क का विस्तार।

पेपरलेस सिस्टम: क्लीनिकल रिसर्च और लैब रिपोर्ट के लिए सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म 'UP-IMRAS' का अनावरण।

गरिमामयी उपस्थिति

इस कॉन्क्लेव में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक, आईटी मंत्री सुनील शर्मा और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गूगल, वर्ल्ड बैंक व डब्ल्यूएचओ (WHO) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।