Sunday, 11th of January 2026

राम मंदिर आंदोलन के पुरोधा: डॉ. राम विलास दास वेदांती को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

Reported by: GTC News Desk  |  Edited by: Mohd Juber Khan  |  December 16th 2025 03:54 PM  |  Updated: December 16th 2025 03:54 PM
राम मंदिर आंदोलन के पुरोधा: डॉ. राम विलास दास वेदांती को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

राम मंदिर आंदोलन के पुरोधा: डॉ. राम विलास दास वेदांती को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 16 दिसंबर, 2025 को अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी संत और पूर्व सांसद डॉ. राम विलास दास वेदांती को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. वेदांती का निधन हाल ही में अयोध्या में हुआ, जब वे भगवान राम की कथा सुना रहे थे। मुख्यमंत्री ने उनके निवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।

सीएम योगी ने बताया 'संयोग' और 'सौभाग्य'

श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. राम विलास दास वेदांती का संपूर्ण जीवन राम लला के चरणों में समर्पित रहा।

जीवन समर्पण: सीएम योगी ने कहा, "डॉ. राम विलास दास वेदांती आज भौतिक रूप से हमारे साथ नहीं हैं। उनका पूरा जीवन अयोध्या धाम में भगवान राम लला के भव्य मंदिर निर्माण और अयोध्या धाम के विकास के लिए समर्पित था।"

राम राज्य का आदर्श: मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वेदांती जी ने अपना पूरा जीवन 'राम राज्य' के आदर्श को समर्पित कर दिया, जिसका अर्थ है सुशासन, न्याय और धर्म-सम्मत शासन।

दिव्य मुक्ति: सीएम ने इसे एक अद्भुत संयोग बताया कि वेदांती जी को उनके नश्वर शरीर से मुक्ति तब मिली, जब वे स्वयं भगवान राम की कथा सुना रहे थे। उन्होंने कहा, "यह एक संयोग है कि भगवान राम की कथा सुनाते हुए उन्हें अपने नश्वर शरीर से मुक्ति मिली।"

आंदोलन की सफ़लता: मुख्यमंत्री ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि वेदांती जी को अपनी आँखों से राम जन्मभूमि आंदोलन की सफलता देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और उन्होंने न केवल मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होते देखा, बल्कि प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक क्षण भी देखा।

राम जन्मभूमि आंदोलन में वेदांती जी की भूमिका

डॉ. राम विलास दास वेदांती विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रमुख नेताओं में से एक थे और राम जन्मभूमि आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में रहे।

विहिप के स्तंभ: वह लंबे समय तक विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे और राम मंदिर आंदोलन के लिए जन जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राजनीतिक योगदान: वह भाजपा के टिकट पर पूर्व सांसद भी रह चुके थे और उन्होंने संसद में भी राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को मज़बूती से उठाया था।

विरासत: उन्हें अयोध्या के साधु-संतों में एक ओजस्वी वक्ता और राम लला के प्रति अटूट आस्था रखने वाले संत के रूप में जाना जाता था, जिनकी प्रेरणा से असंख्य कारसेवकों ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया।

अयोध्या में शोक की लहर

डॉ. वेदांती के निधन से अयोध्या के संत समाज और उनके अनुयायियों में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री के अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न मठों के महंतों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

उनका अंतिम संस्कार अयोध्या में पूरे राजकीय और संत परंपरा के सम्मान के साथ किया जाएगा।