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55 दिन बाद फ़िर बेटे के साथ जेल पहुंचे आज़म ख़ान, बैरक नंबर एक बना नया ठिकाना

By: GTC News Desk | Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at: November 18th 2025 12:24 PM
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55 दिन बाद फ़िर बेटे के साथ जेल पहुंचे आज़म ख़ान, बैरक नंबर एक बना नया ठिकाना

55 दिन बाद फ़िर बेटे के साथ जेल पहुंचे आज़म ख़ान, बैरक नंबर एक बना नया ठिकाना

रामपुर/लखनऊ: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री मोहम्मद आज़म ख़ान को अदालत से एक बार फ़िर बड़ा झटका लगा है। दरअसल सपा के दिग्गज नेता आज़म ख़ान और उनके बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म को सज़ा होने के बाद फ़िर से जेल भेज दिया गया है। जेल के अंदर दाखिल होने से पहले आज़म ख़ान के हाथ में बिस्कुट के दो पैकेट थे। जेल के अंदर दोनों को साधारण क़ैदी की तरह रखा गया। दोनों को एक साथ रामपुर की जेल के बैरक नंबर एक में रखा गया है।

जानकारी के मुताबिक़,रात्रि भोजन में उन्हें मसूर की दाल और आलू पालक की सब्ज़ी के साथ रोटी दी गई। दोनों ने बेमन से जेल का खाना खाया। जेल में सज़ा सुनाए जाने से पहले आज़म ख़ान के अधिवक्ता ने उनकी उम्र और बीमारी का हवाला देते हुए सज़ा कम करने का आग्रह किया था। सज़ा सुनाए जाने के बाद आज़म ख़ान के अधिवक्ता ने एक प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिया, जिसमें कहा है कि आज़म ख़ान की उम्र 77 साल है और वह हृदय रोग से पीड़ित हैं, उनकी आंख में दिक्क़त है, ऐसे में उनकी देखभाल के लिए अब्दुल्ला को साथ रहने दिया जाए, दोनों को एक ही जेल में साथ में रखा जाए।

अभियोजन ने प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल की। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश कुमार मौर्य ने बताया कि आपत्ति पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने जेल अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की है। इस मामले पर अगली सुनवाई 18 नवंबर (मंगलवार) को होगी।

आपको बता दें कि दो पैन कार्ड के मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने आज़म ख़ान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आज़म को 7 साल की सज़ा का ऐलान किया है। साथ ही 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अब इस फ़ैसले पर सपा चीफ़ और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर कर दी है। आज़म ख़ान और बेटे अबदुल्लाह आज़म को सज़ा को फ़िर से जेल भेजने पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्वीटर) पर लिखा, "सत्ता के गुरूर में जो नाइंसाफ़ी और ज़ुल्म की हदें पार कर देते हैं, वो ख़ुद एक दिन क़ुदरत के फ़ैसले की गिरफ़्त में आकर एक बेहद बुरे अंत की ओर जाते हैं, सब, सब देख रहे हैं।"

गौरतलब है कि आज़म परिवार लंबे अरसे से कभी जेल के अंदर, कभी जेल के बाहर वाली स्थिति से दो-चार रहा है।

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