Tuesday, 26th of May 2026

अखिलेश यादव का धनंजय सिंह पर पलटवार, कहा - "मैं भी क्षत्रिय हूँ"

By: GTC News Desk | Edited By: Mohd Juber Khan | Updated at: December 20th 2025 09:14 AM
Trending News
अखिलेश यादव का धनंजय सिंह पर पलटवार, कहा - "मैं भी क्षत्रिय हूँ"

अखिलेश यादव का धनंजय सिंह पर पलटवार, कहा - "मैं भी क्षत्रिय हूँ"

लखनऊ: हाल ही में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि सपा प्रमुख जानबूझकर क्षत्रिय समुदाय को निशाना बना रहे हैं। इन आरोपों पर दो-टूक जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

जातीय पहचान पर जवाब

अखिलेश यादव ने कहा कि वह किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि, "हम भी क्षत्रिय हैं, हमारा खून भी वही है।" उन्होंने तर्क दिया कि यादव और क्षत्रिय समुदायों के बीच गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है और उन्हें किसी समुदाय विशेष से द्वेष रखने की जरूरत नहीं है।

धनंजय सिंह पर कटाक्ष

अखिलेश यादव ने धनंजय सिंह को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें 'कोडीन भैया' (Codeine Bhaiya) कहकर संबोधित किया। यह कटाक्ष हाल ही में सामने आए कफ सिरप तस्करी मामले और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के संदर्भ में था, जिसमें धनंजय सिंह के करीबियों का नाम आने की चर्चा है। अखिलेश ने कहा कि माफियाओं को संरक्षण देने वाली सरकार को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

बीजेपी के 'नए अध्यक्षों' के बहाने सीएम योगी पर निशाना

अखिलेश यादव ने केवल व्यक्तिगत आरोपों का ही जवाब नहीं दिया, बल्कि बीजेपी के भीतर चल रही सांगठनिक हलचलों को आधार बनाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तीखा प्रहार किया।

अनुभव बनाम पद की राजनीति: बीजेपी द्वारा हाल ही में की गई नियुक्तियों और संभावित नए अध्यक्षों की चर्चा पर अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी में अब 'संख्या का खेल' चल रहा है। उन्होंने तंज कसा कि "5, 7 से बड़ा होता है"। उनका इशारा बीजेपी द्वारा एक 5 बार के सांसद को बड़ी जिम्मेदारी देने और 7 बार के सांसद (संभवतः सीएम योगी के करीबियों या वरिष्ठ नेताओं) की अनदेखी करने की ओर था।

यूपी सरकार की घेराबंदी: उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में अधिकारी और सरकार मिलकर 'वोट की चोरी' कर रहे हैं। अखिलेश ने दावा किया कि मुख्यमंत्री खुद हार के डर से डरे हुए हैं और इसीलिए प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर विपक्षी समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से कटवाए जा रहे हैं।

बुलडोजर और क़ानून व्यवस्था पर घेरा

अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री के 'पसंदीदा' प्रतीक बुलडोजर पर भी कटाक्ष किया:

"मुख्यमंत्री के खिलौने (बुलडोजर) का ड्राइवर भाग गया है, चाबी खो गई है और अब उसमें तेल भी नहीं बचा है।"

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब सरकार का यह 'अवैध हथियार' शांत हो गया है और अब जनता 2027 के चुनाव में बीजेपी का 'पॉलिटिकल क्लीन स्वीप' करने के लिए तैयार है।

बहरहाल, अखिलेश यादव का खुद को क्षत्रिय बताना और बीजेपी के आंतरिक समीकरणों पर टिप्पणी करना यह दर्शाता है कि सपा प्रमुख अब केवल 'यादव-मुस्लिम' (MY) समीकरण तक सीमित नहीं रहना चाहते। वह PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ-साथ सवर्ण समुदायों को भी यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी लड़ाई किसी जाति से नहीं, बल्कि बीजेपी की नीतियों से है।

Latest News