नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने 9 दिसंबर, 2025 को संसद में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान मतदाता सूची में बदलाव और धांधली को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को उचित प्रशिक्षण न दिए जाने और सोची-समझी साज़िश के तहत कमज़ोर वर्गों के मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाया।
BLO ट्रेनिंग और फॉर्म वितरण पर सवाल
अखिलेश यादव ने दावा किया कि मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए जिम्मेदार बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को कोई भी पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। उनके अनुसार, यह प्रशिक्षण की कमी सीधे तौर पर त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची का कारण बन रही है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि किसी BLO को कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है, BLO को यह तक नहीं पता है कि कौन सा फॉर्म किसे देना है।" सपा प्रमुख ने कहा कि सही फॉर्म की जानकारी न होने के कारण अयोग्य या मृत लोगों के नाम सूची से नहीं हटाए जाते हैं, जबकि योग्य मतदाताओं को फॉर्म भरने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
दो जगहों पर वोट डालने का मुद्दा
यादव ने अपनी बात के समर्थन में हालिया उदाहरण का हवाला दिया, जिसमें एक व्यक्ति ने दो अलग-अलग स्थानों पर मतदान किया।
उन्होंने कहा, "हाल ही में हमने देखा है कि दिल्ली के एक वोटर ने 2 जगहों पर वोट डाला था"। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग डिजिटल तकनीक और आधार को मतदाता सूची से जोड़ने की बात करता है, तो एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों की सूची में कैसे शामिल हो सकता है। यह घटना मतदाता सूची के सत्यापन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह पैदा करती है।
SIR के नाम पर NRC और साज़िश का आरोप
सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची में सुधार की आड़ में एक सोची-समझी साज़िश का आरोप लगाया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की प्रक्रिया को अप्रत्यक्ष रूप से शुरू करना है। उन्होंने SIR जैसे शब्दों का उल्लेख करते हुए आशंका व्यक्त की कि इसके माध्यम से कमज़ोर और अल्पसंख्यक वर्गों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। अखिलेश के बक़ौल, "SIR के नाम पर NRC हो रहा है। यहां सोची समझी साज़िश के तहत नाम निकालकर हिरासत केंद्र में भेजे जाने की बात हो रही है, मतदाता सूची से नाम हटाने की यह प्रक्रिया केवल त्रुटियों को सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक राजनीतिक चाल है जिसका अंतिम लक्ष्य वंचित समुदायों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित करना और उन्हें नागरिकता संकट की ओर धकेलना है।"
#WATCH दिल्ली: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के तहत मतदाता सूची में बदलाव पर कहा, "... मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि किसी BLO को कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है। BLO को यह तक नहीं पता है कि कौन सा फॉर्म किसे देना है... हाल ही में हमने देखा… pic.twitter.com/iN7SuVh38X
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 9, 2025
सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव
अखिलेश यादव ने सरकार और चुनाव आयोग से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और निष्पक्ष लोकतंत्र के लिए यह आवश्यक है कि मतदाता सूची त्रुटिहीन, अद्यतन और सभी वर्गों के लिए समावेशी हो। उन्होंने कहा कि अगर BLO को सही ट्रेनिंग नहीं दी जाती है और मतदाता सूची में इस तरह की अनियमितताएं बनी रहती हैं, तो भारत के चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता खतरे में पड़ सकती है। सपा ने इन आरोपों की गहन और समयबद्ध जांच की मांग की है।