लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर SIR (Special Intensive Revision) और मतदाता सूची को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने सत्ता का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर 'फर्ज़ी वोट' बनवाए हैं और अब जब सच्चाई सामने आ रही है, तो वे घबराए हुए हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'SIR' (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर जारी घमासान अब और तेज़ हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में लगभग 1 करोड़ नकली मतदाता तैयार किए थे। उन्होंने मांग की है कि फर्ज़ी वोट बनाने वाले अधिकारियों और नेताओं के ख़िलाफ़ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज होनी चाहिए।
#WATCH लखनऊ (यूपी): समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "वोट बढ़ाने का बीजेपी के लोग दवाब बनाएंगे क्योंकि उनका वोट कट गया है। उन्होंने फर्जी वोट बनाए थे। इसका मतलब फर्जी वोट डाले गए हैं और सबसे ज्यादा वोट बीजेपी के बूथों पर निकले हैं। जिस SIR से ये पूरे देश को परेशान कर… pic.twitter.com/gBtT4OS74x
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 8, 2026
"बीजेपी के बूथों पर निकले सबसे ज्यादा फर्ज़ी वोट"
अखिलेश यादव ने दावा किया कि बीजेपी ने प्रशासनिक दबाव के ज़रिए मतदाता सूची में हेर-फे़र की थी। उन्होंने कहा:
दबाव की राजनीति: "बीजेपी के लोग अब अधिकारियों पर वोट बढ़ाने का दबाव बनाएंगे क्योंकि उनका अपना वोट बैंक कट गया है। उन्होंने पहले फर्ज़ी वोट बनवाए थे, जिसका मतलब है कि पिछले चुनावों में फर्ज़ी वोट डाले गए।"
सच्चाई का ख़ुलासा: अखिलेश ने आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा फर्ज़ी और डुप्लीकेट वोट बीजेपी के प्रभाव वाले बूथों पर पाए गए हैं, जिसे अब सुधार प्रक्रिया के तहत हटाया जा रहा है।
"SIR से अब बीजेपी ख़ुद परेशान है"
अखिलेश यादव ने 'SIR' प्रक्रिया का ज़िक्र करते हुए कहा कि जिस हथियार से बीजेपी विपक्ष को परेशान करना चाहती थी, आज वही उनके लिए मुसीबत बन गया है।
जनता का धन्यवाद: "मैं उत्तर प्रदेश की जनता का धन्यवाद करना चाहता हूं। जिस SIR से बीजेपी पूरे देश को डरा रही थी, आज उसी SIR के आंकड़ों से बीजेपी ख़ुद परेशान है।"
गुपचुप बैठकें: सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि अपनी ज़मीन खिसकती देख बीजेपी के नेता अब लखनऊ में 'गुपचुप बैठकें' कर रहे हैं ताकि इस नुकसान की भरपाई की जा सके।
"1 करोड़ वोट का खेल और FIR की मांग"
अखिलेश यादव ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बीजेपी ने लगभग 1 करोड़ वोट अवैध तरीक़े से बढ़वाए थे। उन्होंने सवाल किया कि अगर ये वोट सही थे, तो अब कट क्यों रहे हैं?
नकली वोटरों पर एक्शन: "अब तो सवाल उन पर (बीजेपी) ही खड़े हो गए हैं। जो लोग नकली वोट बना रहे हैं और लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके ख़िलाफ़ कड़ी क़ानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और FIR दर्ज होनी चाहिए।"
NRC से तुलना: अखिलेश ने पहले भी SIR को 'डिजिटल एनआरसी' क़रार दिया था, और आज फिर दोहराया कि यह प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए न कि किसी एक दल को फ़ायदा पहुंचाने वाली।
आगामी चुनाव और सपा की रणनीति
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी हार के डर से अब मतदाता सूची से समाजवादियों और उनके समर्थकों के नाम कटवाने की साजिश कर सकती है। सपा ने अपने बूथ स्तर के एजेंटों (BLA) को पूरी मुस्तैदी के साथ मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य पर नज़र रखने को कहा है।
बहरहाल अखिलेश यादव के इस बयान ने यूपी की सियासत में हलचल मचा दी है। जहां बीजेपी इसे मतदाता सूची को 'शुद्ध' करने की एक संवैधानिक प्रक्रिया बता रही है, वहीं विपक्ष इसे चुनाव को प्रभावित करने की एक बड़ी साज़िश मान रहा है।