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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की तीर्थ नगरी प्रयागराज में आज 'रवि मौनी अमावस्या' के अवसर पर संगम तट पर श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व नज़ारा देखने को मिल रहा है। माघ मेले के तीसरे और सबसे मुख्य स्नान पर्व पर प्रशासन का अनुमान है कि आज 3 से 3.5 करोड़ श्रद्धालु पवित्र गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल पर स्नान करेंगे।
#WATCH | प्रयागराज, उत्तर प्रदेश | माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम में 'स्नान' करने आए श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जा रही हैं। pic.twitter.com/oNXIPrJXgI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 18, 2026
ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ स्नान
रविवार तड़के 3:00 बजे से ही श्रद्धालुओं का रेला संगम की ओर बढ़ने लगा था। 'हर-हर गंगे' के जयघोष के साथ भक्तों ने कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना ब्रह्म मुहूर्त में स्नान शुरू किया। ज्योतिषियों के मुताबिक़, इस बार अमावस्या तिथि 18 जनवरी को पूरे दिन है, जिससे सूर्योदय से सूर्यास्त तक स्नान का विशेष महत्व बना हुआ है।
सुरक्षा और प्रशासन के पुख़्ता इंतज़ाम
मेला प्रशासन और उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस विशाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 'अभेद्य' सुरक्षा चक्र तैयार किया है:
AI कैमरों से निगरानी: पहली बार मेला क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस कैमरों और ड्रोन्स का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है ताकि भीड़ के घनत्व (Crowd Density) पर नज़र रखी जा सके।
#WATCH प्रयागराज, यूपी | प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने कहा, "मौनी अमावस्या का स्नान चल रहा है। स्नान के लिए काफी भीड़ है...इस मौके पर सुरक्षा के भी पूरे इंतज़ाम किए गए हैं..." pic.twitter.com/fC2OfOovAl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 18, 2026
सुरक्षा बल: घाटों पर 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी, NDRF, SDRF और जल पुलिस के गोताखोर तैनात हैं।
विशाल घाट: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 8 किलोमीटर के दायरे में 24 से 64 तक अस्थायी स्नान घाट बनाए गए हैं।
यातायात नियंत्रण: पूरे प्रयागराज शहर में भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है और मेला क्षेत्र को 'नो व्हीकल ज़ोन' घोषित किया गया है।
#WATCH प्रयागराज, यूपी | प्रयागराज डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा, "हमने मौनी अमावस्या को देखते हुए बड़े इंतज़ाम किए हैं... जिन लोगों ने पवित्र स्नान कर लिया है, वे वापस लौटने लगे हैं, और हमारा एग्जिट सिस्टम भी ठीक से काम कर रहा है। पार्किंग एरिया से गाड़ियों की आवाजाही भी हमारी… pic.twitter.com/NG2cAGiqXJ
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मौन व्रत और दान का महत्व
मौनी अमावस्या के दिन 'मौन' रहने की परंपरा है। संगम तट पर हज़ारों 'कल्पवासी' और साधु-संत आज के दिन मौन व्रत धारण कर साधना कर रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन गंगा का जल अमृत के समान हो जाता है। स्नान के बाद श्रद्धालु तिल, गुड़, कंबल और ऊनी वस्त्रों का दान कर रहे हैं, जो इस दिन विशेष फलदायी माना जाता है।
श्रद्धालुओं का उत्साह
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक़, शनिवार शाम तक ही लगभग 1.5 करोड़ लोग प्रयागराज पहुंच चुके थे और रविवार सुबह 8:00 बजे तक क़रीब 1.3 करोड़ लोग डुबकी लगा चुके थे। कोहरे की वजह से दृश्यता कम होने के बावजूद, श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। घाटों पर रिफ्लेक्टिव टेप और लाउडस्पीकर के माध्यम से निरंतर दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।