भारत-अमेरिका ट्रेड डील: आज से लागू 18% टैरिफ, 'मेक इन इंडिया' को मिलेगी मज़बूती
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील वैश्विक मंच पर एक नई इबारत लिखने की दिशा में आगे बढ़ गई है। भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर लगने वाले 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ को अमेरिका ने पूरी तरह से ख़त्म करने का निर्णय ले लिया है। व्हाइट हाउस के आधिकारिक आदेश के अनुसार, 07 फरवरी 2026 से भारत के हित में यह राहत लागू होगी। इसके साथ ही संशोधित 18 प्रतिशत टैरिफ व्यवस्था भी 07 फरवरी 2026 से लागू होगी। यह आदेश भारतीय समयानुसार आज सुबह 10:30 बजे से प्रभावी हो गया। इसके लागू होते ही भारत से अमेरिका में आयात किए जाने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त एड-वेलोरम ड्यूटी अब लागू नहीं होगी।
सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि यह भारत और अमेरिका के लिए बहुत अच्छी खबर! हमने अपने दोनों महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। यह भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' को मज़बूती प्रदान करेगा। इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजित होंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह फ्रेमवर्क हमारे बीच निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को और मज़बूत आधार प्रदान करेगा। यह फ्रेमवर्क मज़बूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन को भी मज़बूत करेगा और वैश्विक विकास में योगदान देगा। जैसे-जैसे भारत एक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है, हम ऐसे वैश्विक पार्टनरशिप बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भविष्य-उन्मुख हों, हमारे लोगों को सशक्त बनाएं और साझा समृद्धि में योगदान दें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क का स्वागत किया और इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए बड़ा बढ़ावा बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बनी है और इसके लिए उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह फ्रेमवर्क दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे, साझेदारी और गतिशीलता को दर्शाता है।
भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक साझेदारी से व्यापार को मिलेगा दोगुना लाभ
अर्थशास्त्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेड डील से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को अधिक बल मिलेगा। भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में राहत मिलेगी और कई सेक्टरों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए यह निर्णय बेहद अहम माना जा रहा है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर सहमति से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (SME), किसानों और मछुआरों के लिए 30,000 अरब डॉलर का बाजार खुलेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ निर्यात में वृद्धि से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कृषि संबंधी उत्पादों पर भारत शुल्क कम या समाप्त करेगा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भारत-अमेरिका के बुनियादी रिश्तों की मज़बूती की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते का फ्रेमवर्क एक स्वागत योग्य खबर और एक बड़ा कदम है। यह माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी और राष्ट्रपति @realDonaldTrump की आर्थिक सहयोग को और गहरा करने, व्यापार को बढ़ावा देने और हमारे दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी में नई गति लाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ को 18% तक कम करने के अलावा, अमेरिका और भारत डिजिटल व्यापार पर भेदभावपूर्ण और बोझिल प्रथाओं और अन्य बाधाओं को दूर करने पर भी सहमत हुए हैं।
समझौते की प्रमुख शर्तों में भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा। इनमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट तथा अन्य उत्पाद शामिल हैं।