Bill Gates अमरावती पहुंचे, AI-इंडिया इम्पैक्ट समिट में लेंगे हिस्सा
अमरावती, आंध्र प्रदेश: माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स दिल्ली में आयोजित होने वाले AI-इंडिया इम्पैक्ट समिट में भाग लेने से पहले अमरावती, आंध्र प्रदेश पहुंचे। आंध्र प्रदेश के मंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेता नारा लोकेश ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया और भविष्य में सहयोग को लेकर आशावाद जताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लोकेश ने लिखा, “अमरावती में आपका स्वागत है, श्री बिल गेट्स। आज गन्नवरम एयरपोर्ट पर गेट्स फाउंडेशन के चेयर का स्वागत करना मेरे लिए खुशी की बात है। इस अवसर पर मेरे सहयोगी गृह मंत्री श्रीमती अनिता गरु, कृषि मंत्री श्री अच्चन्नायडू गरु और स्वास्थ्य मंत्री श्री सत्य कुमार गरु भी उपस्थित रहे। अब हम स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और प्रौद्योगिकी-आधारित सुशासन में साझेदारी को मजबूत करने के लिए सचिवालय में चर्चा के लिए आगे बढ़े हैं। आंध्र प्रदेश अपने लोगों के लिए व्यापक और प्रभावी समाधान विकसित करने हेतु गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर काम करने को उत्सुक है।”
गेट्स उन प्रमुख वैश्विक नेताओं में शामिल हैं जो 16 से 20 फरवरी तक भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इस एक्सपो का उद्घाटन करेंगे।
समिट से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भारत आने वाले प्रतिनिधियों का स्वागत किया और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश की प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने X पर लिखा, “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि दुनिया भर से लोग इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के लिए भारत आ रहे हैं। यह हमारे देश के युवाओं की क्षमता को भी दर्शाता है। यह अवसर इस बात का प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।”
16 से 20 फरवरी तक AI इम्पैक्ट समिट 2026 की मेजबानी कर रहा है
प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय राजधानी में भारत AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे। भारत 16 से 20 फरवरी तक AI इम्पैक्ट समिट 2026 की मेजबानी कर रहा है, जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, क्राउन प्रिंस और सिलिकॉन वैली सहित दुनिया भर के प्रमुख नेता भाग लेंगे।
यह ग्लोबल साउथ द्वारा आयोजित पहला अंतरराष्ट्रीय AI समिट है, जो नई दिल्ली की उस महत्वाकांक्षा को प्रदर्शित करता है जिसमें भारत एक समावेशी, जिम्मेदार और प्रभावशाली AI भविष्य को आकार देने की दिशा में अग्रसर है। इसके केंद्र में भारत की स्वदेशी (सॉवरेन) AI की महत्वाकांक्षी दृष्टि है।