प्रयागराज माघ मेला: बसंत पंचमी स्नान पर सुरक्षा का महाकवच, AI कैमरों से निगरानी, रूट डायवर्ज़न लागू

By  Mohd Juber Khan January 23rd 2026 02:11 PM

प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज में आस्था के सबसे बड़े वार्षिक समागम 'माघ मेला 2026' का उत्साह चरम पर है। आज यानी 23 जनवरी को बसंत पंचमी का पावन पर्व है, जो इस मेले के प्रमुख स्नान पर्वों में से एक माना जाता है। इस मौक़े पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और मेला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा ने तैयारियों का जायज़ा लेते हुए बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए हाई-टेक इंतज़ाम किए गए हैं।

सुरक्षा के आधुनिक इंतज़ाम: AI और ड्रोन की नज़र

मेला क्षेत्र में पहली बार इतनी व्यापक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जा रहा है:

AI सक्षम कैमरे: पूरे मेला क्षेत्र को AI कैमरों के जाल से कवर किया गया है। ये कैमरे संदिग्ध गतिविधियों, भीड़ के घनत्व और किसी भी अप्रिय स्थिति को भांपने में सक्षम हैं।

ड्रोन निगरानी: आसमान से चप्पे-चप्पे पर नज़र रखने के लिए ड्रोन तैनात किए गए हैं, जो रियल-टाइम विज़अल्स कंट्रोल रूम को भेज रहे हैं।

स्पेशल फोर्स की तैनाती: सुरक्षा के लिए ATS (एन्टी टेररिज़् स्क्वाड), STF (स्पेशल टास्क फोर्स) और ANTF (एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) की टीमें मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर तैनात कर दी गई हैं।


यातायात और डायवर्जन प्लान (कल रात 12 बजे से लागू)

भीड़ को नियंत्रित करने और शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए इंटर-डिस्ट्रिक्ट डायवर्ज़न प्लान लागू किया गया है:

भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित: भारी वाहनों को शहर की सीमा से पहले ही डायवर्ट कर दिया गया है। कानपुर, वाराणसी और लखनऊ मार्ग से आने वाले बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।

डायवर्ज़न समय: यह योजना 22 जनवरी की रात 12 बजे से प्रभावी हो गई है और कल स्नान समाप्ति तक जारी रहेगी।

जल पुलिस और घाटों की व्यवस्था

श्रद्धालुओं के सुरक्षित स्नान के लिए त्रिवेणी संगम और अन्य घाटों पर जल पुलिस के जवानों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है।

डीप वाटर बैरिकेडिंग: श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए घाटों पर मज़बूत बैरिकेडिंग लगाई गई है।

जल पुलिस की पेट्रोलिंग: मोटर बोट के माध्यम से जल पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

श्रद्धालुओं के लिए गाइडलाइंस

श्रद्धालुओं को केवल निर्धारित मार्गों से ही घाटों तक आने की अनुमति है।

सहायता केंद्र

खोया-पाया शिविर और पूछताछ केंद्र 24 घंटे सक्रिय हैं।

स्वास्थ्य: मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने आश्वस्त किया है कि "सुनिश्चित किया जा रहा है कि श्रद्धालु पूरी सुरक्षा के तहत स्नान करें।" प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और संदिग्ध वस्तु दिखने पर तुरंत सूचना दें।


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