विकसित यूपी 2047 के लिए 75 जनपदों में जारी है जन संवाद

By  Mohd Juber Khan October 16th 2025 12:26 PM -- Updated: October 16th 2025 12:55 PM

लखनऊ : साल 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य के तौर पर स्थापित करने की दिशा में प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी अभियान ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 : समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ तेज़ रफ़्तार के साथ आगे बढ़ रहा है। इस 'जनसहभागिता आधारित अभियान' के तहत अब तक क़रीब 41 लाख फीडबैक मिल चुके हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से सबसे ज़्यादा सुझाव आए हैं। 

‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047' के मद्देनज़र प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों के ज़रिए व्यापक जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें छात्र, शिक्षक, उद्यमी, कृषक, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संघ और मीडिया प्रतिनिधि बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। तमाम वर्गों से प्रदेश की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा पर बेशक़ीमती सुझाव मिल भी रहे हैं। इनमें कृषि, शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, उद्योग, आईटी एवं टेक्नोलॉजी, पर्यटन और सुरक्षा से संबंधित सुझाव ज़्यादा आए हैं।

फतेहपुर की अंकिता सिंह ने आकांक्षी ज़िलों में शामिल जनपदों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल दिया। उन्होंने 'अभ्युदय कोचिंग कार्यक्रम' के अंतर्गत अधिकारियों की अनिवार्य कक्षाओं का इंतज़ाम और राजकीय विद्यालयों में महिला अधिकारियों के नियमित संवाद का सुझाव दिया।

वहीं बलरामपुर के डॉ. अमित कुमार गौतम का मानना है कि प्रदेश के हर ज़िले में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' और 'मशीन लर्निंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना हो, ताकि प्रशासनिक कार्यों में तकनीक का इस्तेमाल ज़्यादा से ज़्यादा हो सके।

इसके अलावा बांदा के धीरज कुमार ने 'पशुधन विकास' को बढ़ावा देने के लिए 'ग्रामीण पशु चिकित्सा' केंद्रों की स्थापना, 'आधुनिक डेयरी प्रबंधन' और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला चारा मुहैया कराने की बात पर ज़ोर दिया।

गौरतलब है कि इस महाभियान के तहत अब तक प्रदेश की 40 हज़ार ग्राम पंचायतों, 200  नगर पालिकाओं, 15 नगर निगमों, 500 से ज़्यादा नगर पंचायतों, 600 से ज़्यादा क्षेत्र पंचायतों और 50 से ज़्यादा ज़िला पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों के ज़रिए जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद को नई दिशा मिली है। सीएम योगी आदित्यनाथ के विज़न के मुताबिक, तमाम फीडबैक्स के आधार पर 'विज़न डॉक्यूमेंट' तैयार करने की प्रक्रिया लगातार जारी है।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.