संभल हिंसा: मास्टरमाइंड शारिक़ साठा पर बड़ी कार्रवाई, कोर्ट के आदेश पर आलीशान मकान कुर्क
संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में नवंबर 2024 में हुई भीषण हिंसा के मामले में प्रशासन ने आज एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। जिला न्यायालय के आदेश पर पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने हिंसा के कथित मास्टरमाइंड और कुख्यात गैंगस्टर शारिक़ साठा के चार मंज़िला आवास को कुर्क (Attach) कर लिया है।
भारी पुलिस बल के बीच हुई कार्रवाई
बुधवार सुबह से ही संभल का दीपा सराय (नखासा थाना क्षेत्र) इलाका छावनी में तब्दील रहा। एएसपी उत्तरी कुलदीप सिंह और तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पांच थानों की पुलिस और पीएसी (PAC) की टुकड़ी ने मौके पर पहुंचकर कुर्की की प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन ने मुनादी करवाकर (डुगडुगी बजवाकर) सार्वजनिक रूप से कुर्की की घोषणा की।
संपत्ति का विवरण: कुर्क किया गया घर शहर के सबसे बेशक़ीमती इलाक़ों में से एक, हिंदूपुरा खेड़ा में स्थित है। यह चार मंज़िला इमारत है, जिसमें से फ़रार आरोपी शारिक़ के हिस्से वाले भाग को सरकारी क़ब्ज़े में ले लिया गया है।
क़ानूनी आधार: यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 84 के तहत की गई है, क्योंकि आरोपी निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में पेश होने में विफ़ल रहा था।
कौन है शारिक़ साठा?
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक़, शारिक़ साठा न केवल संभल हिंसा का मुख्य साज़िशकर्ता है, बल्कि वह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑटो लिफ्टर (वाहन चोर) भी है।
अपराधिक इतिहास: उसके ख़िलाफ़ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बंगाल और दार्जिलिंग समेत कई राज्यों में 69 से अधिक मुक़दमे दर्ज हैं।
हिंसा में भूमिका: 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में पुलिस ने शारिक़ को मुख्य साज़िशकर्ता माना है। आरोप है कि उसने दुबई में बैठकर अपने गुर्गों के ज़रिए भीड़ को भड़काया और हथियार मुहैया कराए थे।
विदेशी कनेक्शन: पुलिस का दावा है कि शारिक़ 2020 में फर्ज़ी पासपोर्ट के ज़रिए दुबई भाग गया था और वहीं से अपना नेटवर्क चला रहा है। उसके ख़िलाफ़ इंटरपोल के ज़रिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
संभल हिंसा का घटनाक्रम
यह मामला 19 नवंबर 2024 को तब शुरू हुआ था जब कोर्ट के आदेश पर शाही जामा मस्जिद का सर्वे किया गया। 24 नवंबर को दूसरे दौर के सर्वे के दौरान भारी बवाल हुआ, जिसमें पथराव और फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई थी और दर्ज़नों पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
"शारिक़ साठा लंबे समय से फ़रार है। बार-बार नोटिस देने के बावजूद वह पेश नहीं हुआ, जिसके बाद माननीय न्यायालय ने उसकी चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का वारंट जारी किया। हम उसकी अन्य संपत्तियों की भी पहचान कर रहे हैं।" — कुलदीप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तर)
आगे की कार्रवाई
प्रशासन अब शारिक़ साठा के अन्य आर्थिक स्रोतों और उसके सहयोगियों की जांच कर रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में उसके गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों पर भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जा सकती है।