नई दिल्ली/लखनऊ: दिसंबर के आख़िरी सप्ताह में उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से में हाड़ कपाने वाली सर्दी ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर: विज़िबिलिटी हुई शून्य, तापमान 7°C के पास
राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों (नोएडा, ग़ाजियाबाद, गुरुग्राम) में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा।
तापमान: दिल्ली के सफ़दरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 7°C से 9°C के बीच दर्ज किया गया है, जो सामान्य से कम है।
विज़िबिलिटी: पालम और सफ़दरजंग जैसे इलाक़ो में दृश्यता (visibility) घटकर 50 से 200 मीटर तक रह गई, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
प्रदूषण: ठंड के साथ-साथ दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी 'खतरनाक' श्रेणी (500 ) में बना हुआ है, जिससे लोगों को सांस लेने में मुश्किल हो रही है।
लखनऊ और उत्तर प्रदेश: कोहरे की चादर और शीतलहर
लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के 48 से अधिक ज़िलों में ठंड का ज़बरदस्त असर देखा जा रहा है।
नया मुख्यालय लखनऊ: यंहा न्यूनतम तापमान 11°C के आसपास बना हुआ है, लेकिन बर्फ़ीली हवाओं की वजह से 'फील्स लाइक' (महसूस होने वाला) तापमान इससे काफी कम है।
उड़ानों पर असर: कोहरे के कारण लखनऊ और दिल्ली के बीच चलने वाली कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा है।
स्कूलों की छुट्टी: उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों (जैसे बरेली और वाराणसी) में ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है या कक्षा 8 तक के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
ठंड बढ़ने के मुख्य कारण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस भीषण ठंड के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ़बारी: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के उच्च शिखरों पर हुई भारी बर्फ़बारी से मैदानी इलाक़ों की ओर ठंडी हवाएं आ रही हैं।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के वायुमंडल में नमी बढ़ी है, जिससे कोहरा और घना हो गया है।
पछुआ हवाएं: बर्फीली पछुआ हवाओं ने धूप के असर को बेअसर कर दिया है, जिससे दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे गिर गया है।
आगामी दिनों के लिए सावधानी
डॉक्टरों की सलाह: हृदय रोगियों और सांस की बीमारी वाले लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुज़ुर्गों को गर्म कपड़ों की कई परतों में रहना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में गर्म तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
IMD का पूर्वानुमान: मौसम विभाग के अनुसार, नए साल की शुरुआत तक कोहरे और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद कम है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी के आसपास कुछ इलाक़ों में हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है, जिससे ठिठुरन और बढ़ सकती है।