अखिलेश का सरकार पर तीखा हमला: "अस्पतालों में इलाज नहीं, PDA के साथ हो रहा है घोर अन्याय"
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सत्ताधारी भाजपा पर जमकर निशाना साधा। लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए यादव ने कहा कि प्रदेश में ग़रीबी और बेरोज़गारी इस क़दर बढ़ गई है कि अब इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है।
"PDA" के साथ अन्याय का आरोप
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में 'PDA' (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में इस वर्ग के साथ सबसे ज़्यादा भेदभाव और अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा, "PDA के ऊपर जितना अन्याय हो रहा है, उसकी हम लोग कल्पना नहीं कर सकते। सामाजिक और आर्थिक न्याय की बातें केवल काग़ज़ों तक सीमित रह गई हैं।"
स्वास्थ्य सेवाओं की जर्जर स्थिति
अस्पतालों की बदहाली का ज़िक्र करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि आज सरकारी अस्पतालों में ग़रीबों के लिए कोई जगह नहीं है।
इलाज का अभाव: उन्होंने दावा किया कि सरकारी अस्पतालों में न तो डॉक्टर उपलब्ध हैं और न ही दवाइयां।
ग़रीबों की अनदेखी: यादव ने कहा, "आज ये स्थिति है कि सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं है। गरीबों का अस्पताल में इलाज कहां हो पा रहा है? वे दर-दर भटकने को मजबूर हैं।"
भ्रष्टाचार: उन्होंने पूर्व में भी आरोप लगाया था कि अस्पतालों में दलालों का बोलबाला है और कमीशनखोरी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पंगु हो चुकी हैं।
अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय पर सवाल
महंगाई और आर्थिक मंदी पर सरकार को घेरते हुए अखिलेश ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने तंज़ कसते हुए कहा, "ग़रीबी इतनी अधिक है कि हम आज के दौर में प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) का सही आंकड़ा तक नहीं बता सकते।" उनके अनुसार, सरकार आंकड़ों की बाज़ीगरी कर रही है, जबकि ज़मीन पर आम आदमी दाने-दाने को मोहताज है।
अखिलेश यादव का यह बयान आगामी चुनावों और वर्तमान राजनीतिक माहौल में काफी अहम माना जा रहा है। उन्होंने साफ़ किया कि समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक इन मुद्दों को उठाएगी और जनता के हक़ की लड़ाई जारी रखेगी।