देश की सबसे बड़ी पंचायत 'संसद' से राहुल गांधी समेत कांग्रेस के 8 सांसद निलंबित
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद से आज राहुल गांधी समेत 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है, जिसके बाद हंगामा बरपा हो गया है। जानकारी के मुताबिक़ संसद परिसर का 'मकर द्वार' आज विपक्षी नारों से गूंज उठा। हाथ में तख़्तियां लिए और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार की नीतियों और 'तानाशाही' रवैये के ख़िलाफ़ जमकर प्रदर्शन किया।
आख़िर क्यों कांग्रेस के 8 सांसदों का निलंबन?
सत्र के दौरान सदन में चल रही चर्चा के बीच विपक्षी सांसदों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के संस्मरणों के हवाले से चीन सीमा के मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी। हंगामा बढ़ने पर पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने 8 कांग्रेस सांसदों को 'अशोभनीय आचरण' और वेल में आकर काग़ज़ फाड़ने के आरोप में शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
ये है कांग्रेस के निलंबित सांसदों की सूची:
हिबी ईडन
अमरिंदर सिंह राजा वारिंग
मणिक्कम टैगोर
गुरजीत सिंह औजला
किरण कुमार रेड्डी
प्रशांत पाडोले
एस. वेंकटेशन
डीन कुरियाकोस
ट्रेड एग्रीमेंट पर राहुल गांधी की 'दो टूक'
राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने दोहराया कि कल शाम जिस ट्रेड डील पर दस्तख़त किए गए, वह दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'भयंकर दबाव' का नतीजा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों की बलि चढ़ाकर किया गया है। विपक्ष की मांग है कि सरकार इस समझौते की पूरी शर्तों को सार्वजनिक करे और सदन में इस पर विस्तृत बहस कराए।
सांसदों की आवाज़ दबाने की नाकाम कोशिश - प्रियंका गांधी
संसद के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सांसदों को निलंबित करना विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश है। उन्होंने मीडिया से कहा, "जब भी हम जनता के हित और देश की सुरक्षा (चीन मुद्दा) पर सवाल पूछते हैं, तो सरकार चर्चा करने के बजाय सांसदों को बाहर निकाल देती है। यह लोकतंत्र की हत्या है।"
स्थगित हुई सदन की कार्यवाही
विपक्ष के इस कड़े रुख़ और सांसदों के निलंबन के बाद सदन में गतिरोध और बढ़ गया। लोकसभा की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा और आख़िरकार इसे अगले दिन तक के लिए टाल दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी व्यवहार की निंदा करते हुए इसे "संसदीय गरिमा का अपमान" बताया।
अब क्या है आगे की राह?
सियासी जानकारों का मानना है कि 8 सांसदों का निलंबन आग में घी का काम करेगा। बजट सत्र के बचे हुए दिनों में विपक्ष अब और अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है। विपक्षी एकता (INDIA ब्लॉक) इस मुद्दे पर एकजुट नजर आ रही है, जो सरकार के लिए विधायी कार्यों को पूरा करने में बड़ी चुनौती पेश कर सकती है।