बजट सत्र 2026: 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' से विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है देश: पीएम मोदी

By  Mohd Juber Khan January 29th 2026 01:11 PM

नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र 2026 अपनी पूरी गति के साथ शुरू हो चुका है। गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को सत्र के दूसरे दिन संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के आगामी विजन और देश की आर्थिक दिशा पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने सरकार की कार्यप्रणाली को 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' का नाम देते हुए इसे विकसित भारत के संकल्प की ओर एक तेज़ छलांग बताया।

बजट सत्र 2026: 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' से विकसित भारत की ओर बढ़ता देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में साफ़ किया कि सरकार अब केवल समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि वह लंबी अवधि के सुधारों (Long-term Solutions) पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

1. 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' और सांसदों का योगदान

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की पहचान हमेशा से 'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' (सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन) रही है। उन्होंने सांसदों के सकारात्मक रुख की सराहना करते हुए कहा:

"अब हमने 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर तेज़ी से शुरुआत की है। मैं उन सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस एक्सप्रेस को गति देने में अपना रचनात्मक सहयोग दिया। इसी का परिणाम है कि आज भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है।"

2. ऐतिहासिक अवसर: वित्त मंत्री का 9वां बजट

पीएम मोदी ने इस बात पर ख़ास ज़ोर दिया कि यह बजट सत्र ऐतिहासिक है।

निर्मला सीतारमण का कीर्तिमान: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं। वे देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं जिन्होंने इस गौरवशाली उपलब्धि को हासिल किया है।

शताब्दी का अगला चरण: प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा (25 साल) पूरा हो चुका है। अब हम अगले 25 वर्षों के उस दौर में हैं जो 2047 के 'विकसित भारत' के लक्ष्य को तय करेगा।

3. भारत-EU ट्रेड डील: युवाओं के लिए 'आशा की किरण'

प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को एक बड़ी जीत बताया।

27 देशों का बाज़ार: इस समझौते से भारत के लिए 27 यूरोपीय देशों के बाज़ार खुल गए हैं।

मैन्युफैक्चरिंग हब: पीएम ने भारतीय निर्माताओं और व्यापारियों से अपील की कि वे अपने उत्पादों की क्वालिटी पर ध्यान दें ताकि वैश्विक बाज़ारों में भारत की धाक जम सके।

4. 'ह्यूमन-सेंट्रिक' गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी

प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण विज़न रखते हुए कहा कि सरकार का हर फैसला 'मानव-केंद्रित' (Human-centric) है।

तकनीक बनाम मानव: पीएम ने कहा कि सरकार तकनीक को अपनाएगी और उसके साथ तालमेल बिठाएगी, लेकिन किसी भी स्थिति में मानवीय व्यवस्थाओं और संवेदनाओं को कमज़ोर नहीं होने दिया जाएगा।

अंतिम छोर तक पहुंच: सरकार का लक्ष्य योजनाओं को केवल फाइलों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें 'लास्ट माइल डिलीवरी' के ज़रिए आम आदमी के जीवन तक पहुंचाना है।

अब सबको है बजट पेश होने का इंतज़ार!

1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से मध्यम वर्ग, किसानों और स्टार्टअप जगत को बड़ी उम्मीदें हैं। प्रधानमंत्री के इस भाषण ने यह साफ़ कर दिया है कि बजट में आर्थिक सुधारों की गति और तेज़ होने वाली है।

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