महाराष्ट्र में शोक की लहर: विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार 'दादा' का निधन
बारामती/मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक, उपमुख्यमंत्री अजित पवार अब हमारे बीच नहीं रहे। बुधवार सुबह क़रीब 8:45 बजे पुणे ज़िले के बारामती में उनका चार्टर विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई है।
कैसे हुआ ये विमान हादसा?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, अजित पवार बुधवार सुबह मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे। उन्हें आगामी ज़िला परिषद चुनावों के सिलसिले में वहां जनसभाओं को संबोधित करना था।
विमान का विवरण: यह VT-SSK (Learjet 45) चार्टर विमान था, जिसे VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा था।
हादसे का समय: विमान ने मुंबई से सुबह 8:11 बजे उड़ान भरी थी। बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान असंतुलित होकर रनवे से फिसल गया और उसमें भीषण आग लग गई।
चश्मदीदों के बयान: चश्मदीदों के बक़ौल, विमान में लैंडिंग के समय ही धुआं देखा गया था, जिसके बाद वह ज़मीन से टकराते ही धमाकों के साथ आग के गोले में तब्दील हो गया।
ये है मृतकों की सूची
DGCA ने पुष्टि की है कि इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा है।
मृतकों में शामिल हैं:
अजित पवार (उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)
एक निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO)
एक सहायक कैप्टन साहिल मदान (पायलट-इन-कमांड)
फर्स्ट ऑफ़िसर (सह-पायलट)
देशभर में शोक की संवेदनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख ज़ाहिर करते हुए उन्हें "जनता का नेता" बताया। गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी सहित देश के तमाम बड़े नेताओं ने इसे महाराष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है।
अजित पवार: 'दादा' का राजनीतिक सफ़र
अजित पवार, जिन्हें प्यार से 'अजित दादा' कहा जाता था, का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर में हुआ था। वे राकांपा प्रमुख शरद पवार के भतीजे थे, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।
मुख्य बिंदु विवरण
करियर की शुरुआत 1982 में एक सहकारी चीनी फैक्ट्री के बोर्ड से शुरुआत की।
संसदीय सफ़र 1991 में पहली बार बारामती से लोकसभा सांसद चुने गए (बाद में चाचा के लिए सीट छोड़ी)।
विधायक कार्यकाल बारामती विधानसभा क्षेत्र से लगातार 7 बार विधायक रहे।
प्रशासनिक अनुभव सिंचाई, वित्त और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभाला।
रिकॉर्ड महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे अधिक बार (6 बार) उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का रिकॉर्ड।
सियासी उथल-पुथल और नेतृत्व
अजित पवार को उनकी बेबाक़ी के लिए जाना जाता था। 2023 में उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक फै़सला लेते हुए एनसीपी में विभाजन किया और भाजपा-शिंदे सरकार में शामिल हो गए। फरवरी 2024 में चुनाव आयोग ने उनके गुट को असली 'राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी' के रूप में मान्यता दी थी। अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार (राज्यसभा सांसद) और दो बेटों, पार्थ और जय पवार को छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक शहर बारामती में किया जाएगा।