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संगरूर, पंजाब: पंजाब में सिसायत में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन की अटकलों के बीच भाजपा को बड़ा झटका लगा है। संगरूर से विधानसभा चुनाव लड़ चुके भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद खन्ना शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए हैं। महाशिवरात्रि के दिन शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल अरविंद खन्ना के संगरूर स्थित निवास स्थान पर पहुंचे और अरविंद खन्ना को पार्टी में शामिल करवाया। अरविंद खन्ना भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और दो बार विधायक भी रह चुके हैं।
It is my pleasure to welcome senior BJP leader, two-time MLA and my friend Arvind Khanna into the Shiromani Akali Dal and appoint him as the Halka Incharge of the Sangrur Assembly constituency.Mr. Khanna has been serving Sangrur for more than two decades and has been… pic.twitter.com/L5bfW2IXQq
— Sukhbir Singh Badal (@officeofssbadal) February 15, 2026
'उम्मीद' फाउंडेशन के जरिए नि:शुल्क मेडिकल सुविधाएं देने के लिए प्रसिद्ध रहे हैं अरविंद खन्ना
इस राजनीतिक पैतरे को पंजाब की पॉलिटिक्स में एक बड़े पॉलिटिकल धमाके के तौर पर देखा जा रहा है। अरविंद खन्ना समाजसेवी संस्था उम्मीद फाउंडेशन के जरिए निःशुल्क मेडिकल सुविधाएं देने के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। खन्ना भारतीय जनता पार्टी में जनवरी 2022 में शामिल हुए थे। इससे पहले वे कांग्रेस में थे। मौजूदा समय में वे प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष हैं। खन्ना, भाजपा पंजाब की कोर समिति और वित्त समिति के सदस्य हैं। इससे पहले खन्ना ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के महासचिव, पीपीसीसी कोषाध्यक्ष के रूप में कार्य किया था।
अरविंद खन्ना इसी संसदीय सीट का हिस्सा संगरूर व धूरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और कांग्रेस की टिकट पर 2004 लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि वे 27,277 मतों के अंतर से अकाली दल के नेता सुखदेव सिंह ढींडसा से चुनाव हार गए थे। अरविंद खन्ना तब 2,59,551 वोट लेने में सफल रहे थे।