नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती जगत की दिग्गज ओलंपियन विनेश फोगाट ने एक बड़ा और भावुक ऐलान करते हुए अपने संन्यास के फैसले को वापस ले लिया है। लगभग 18 महीनों के अंतराल के बाद, विनेश ने सोशल मीडिया पर एक गहन पोस्ट के ज़़रिए अपनी वापसी की घोषणा की और साफ़ किया कि उनकी निगाहें अब 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक (LA28) पर टिकी हैं।
वापसी का कारण: 'आग कभी बुझी नहीं'
विनेश फोगाट ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पेरिस ओलंपिक के निराशाजनक अनुभव और उसके बाद के तनाव ने उन्हें खेल से दूर जाने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने इस ब्रेक को 'सांस लेने' का समय बताया।
भावुक पोस्ट के मुख्य अंश:
“लोग लगातार पूछते रहे कि क्या पेरिस अंत था। लंबे समय तक, मेरे पास इसका जवाब नहीं था। मुझे मैट से, दबाव से, उम्मीदों से, यहां तक कि अपने सपनों से भी दूर जाने की ज़रूरत थी।”
“मैंने पहली बार ख़ुद को सांस लेने दिया... और कहीं उस आत्म-चिंतन में, मुझे सच मिला। मुझे अब भी यह खेल पसंद है। मैं अब भी प्रतिस्पर्धा करना चाहती हूँ।”
“उस ख़ामोशी में मुझे कुछ ऐसा मिला जिसे मैं भूल गई थी: 'आग कभी ख़त्म नहीं होती'। यह सिर्फ थकान और शोर के नीचे दब गई थी।”
— Vinesh Phogat (@Phogat_Vinesh) December 12, 2025
विनेश ने कहा कि अनुशासन, दिनचर्या और संघर्ष उनके सिस्टम में है, और वह कितना भी दूर चली जाएं, उनका एक हिस्सा हमेशा मैट पर ही रहा।
बेटा बना सबसे बड़ी प्रेरणा
विनेश फोगाट के लिए यह वापसी सिर्फ़ खेल की नहीं, बल्कि व्यक्तिगत जीवन के एक नए अध्याय से भी जुड़ी हुई है। जुलाई 2025 में अपने पहले बच्चे (बेटे) को जन्म देने के बाद, विनेश अब उन चुनिंदा भारतीय एथलीटों में शामिल हो गई हैं जो मातृत्व के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर वापसी कर रही हैं।
विनेश ने कहा कि इस बार वह अकेली नहीं चल रही हैं: “मेरा बेटा मेरी टीम में शामिल हो रहा है, मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा, LA ओलंपिक के इस रास्ते पर मेरा छोटा चीयरलीडर।” यह नया भावनात्मक बल उन्हें 2028 के लिए प्रेरित करेगा।
पेरिस ओलंपिक का दर्दनाक अंत
विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद संन्यास लिया था, जो उनके करियर का सबसे दर्दनाक अध्याय साबित हुआ। उन्होंने 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रचा था—वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनने वाली थीं।
लेकिन फाइनल से कुछ घंटे पहले अनिवार्य वेट-इन में वह निर्धारित सीमा से 100 ग्राम अधिक वज़न की पाई गईं और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। यह दिल तोड़ने वाली घटना उनके संन्यास का तात्कालिक कारण बनी थी।
लक्ष्य 2028: अधूरा सपना पूरा करने की ज़िद
विनेश का ओलंपिक सफर चुनौतियों भरा रहा है।
2016 रियो ओलंपिक: क्वार्टर फाइनल में घुटने की गंभीर चोट के कारण बाहर होना पड़ा।
2020 टोक्यो ओलंपिक: विश्व की नंबर 1 रैंक्ड खिलाड़ी होने के बावजूद क्वार्टर फाइनल में चौंकाने वाली हार।
2024 पेरिस ओलंपिक: फाइनल में वज़न विवाद के कारण डिस्क्वालिफिकेशन।
तीन ओलंपिक में पदक से चूकने के बाद, विनेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका सपना अभी भी अधूरा है। अब उनकी पूरी ऊर्ज़ा और फोकस 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने पर होगा।
उनकी वापसी ने भारतीय खेल प्रेमियों में नई उम्मीद जगा दी है, जो अब उन्हें एक निडर दिल और न झुकने वाले जज़्बे के साथ मैट पर देखने के लिए उत्सुक हैं।