ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों के 'हनुक्का' त्योहार के जश्न के मौक़े पर आतंकी हमला, 12 की मौत
सिडनी, ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रतिष्ठित समुद्र तटों में से एक, सिडनी के बोंडी बीच पर रविवार शाम (14 दिसंबर, 2025) उस समय दहशत और मातम छा गया, जब यहूदी त्योहार हनुक्का के जश्न के लिए इकट्ठा हुई भीड़ पर दो बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने इस घटना को आतंकवादी हमला घोषित किया है।
इस भीषण हमले में एक बंदूकधारी सहित 12 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। वहीं, लगभग 29 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी और बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
कब और कैसे हुआ था हमला?
समय और स्थान: यह घटना रविवार शाम को ऑस्ट्रेलियन ईस्टर्न डेलाइट टाइम के अनुसार लगभग 6:47 बजे बोंडी बीच के पास आर्चर पार्क (Archer Park) में हुई, जहां 'चानुकाह बाय द सी' नामक एक सार्वजनिक कार्यक्रम चल रहा था।
निशाना: न्यू साउथ वेल्स पुलिस के आयुक्त माल लैन्योन ने पुष्टि की है कि यह हमला विशेष रूप से सिडनी के यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया था, जो हनुक्का के पहले दिन का जश्न मना रहे थे। उस समय मौके़ पर 1,000 से ज़्यादा लोग मौजूद थे।
हमलावर: दो हमलावरों ने गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मौके पर ही एक हमलावर को मार गिराया। दूसरा हमलावर, जिसकी पहचान कथित तौर पर नवीद अकरम (24, बोनीरिग का निवासी) के रूप में हुई है, मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे हिरासत में लिया गया है।
दहशत का माहौल: चश्मदीदों के मुताबिक़, हमलावरों ने लगभग 50 राउंड तक गोलियां चलाईं, जिससे पूरे इलाके़ में भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए बीच और आस-पास की गलियों में भागे।
पुलिस ऑपरेशन और आईईडी की बरामदगी
न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने तुरंत एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया और लोगों से बोंडी बीच क्षेत्र से दूर रहने की अपील की।
पुलिस ने घटना को 'आतंकवादी घटना' घोषित करते हुए जांच का नेतृत्व काउंटर-टेररिज़्म कमांड को सौंपा है।
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पुलिस ने मारे गए बंदूकधारी से जुड़े एक वाहन के अंदर से एक अस्थायी विस्फोटक उपकरण (IED) बरामद किया है, जिससे हमले की पूर्व-नियोजित और ख़तरनाक प्रकृति की पुष्टि होती है।
फुटेज में एक निहत्थे नागरिक को हमलावर पर झपटते और उसकी राइफ़ल छीनते हुए देखा गया है, जिसकी बहादुरी की व्यापक प्रशंसा हो रही है।
वैश्विक और राष्ट्रीय निंदा
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस हमले को 'बुराई और यहूदी विरोधी आतंकवाद का कृत्य' बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा, "यहूदी ऑस्ट्रेलियाइयों पर हमला हर ऑस्ट्रेलियाई पर हमला है।"
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले की निंदा करते हुए इसे 'मानवता पर हमला' बताया और दुख की इस घड़ी में ऑस्ट्रेलिया के साथ खड़े रहने की बात कही।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस 'क्रूर हमले' की निंदा की और ऑस्ट्रेलियाई सरकार से यहूदी-विरोध की बढ़ती लहर से निपटने का आग्रह किया।
पीड़ितों और घायलों की स्थिति
गोलीबारी में 12 लोगों की मौत हुई है और 29 घायलों को सिडनी के विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया है, जिनमें सेंट विंसेंट, रॉयल प्रिंस अल्फ्रेड और सेंट जॉर्ज अस्पताल शामिल हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों में एक 12 साल का बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे कोई व्यापक आतंकवादी नेटवर्क है या यह किसी व्यक्ति की कट्टरपंथी विचारधारा का परिणाम था। बोंडी बीच और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।