यूपी में SIR के बाद पहला ड्राफ्ट रोल जारी: 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान पूरा होने के बाद, निर्वाचन आयोग ने 6 जनवरी 2026 को मतदाता सूची का पहला ड्राफ्ट रोल (प्रारूप मतदाता सूची) आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। इस बार की मतदाता सूची कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि शुद्धिकरण अभियान के दौरान राज्य में रिकॉर्ड संख्या में नाम हटाए गए हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य की नई ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की। 'विशेष गहन पुनरीक्षण-2026' (SIR) के तहत हुए इस व्यापक अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से त्रुटिमुक्त और पारदर्शी बनाना था।
बड़े पैमाने पर हटाए गए नाम!
SIR अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा 'क्लीन-अप' अभियान चलाया गया। आंकड़ों के मुताबिक़:
कुल हटाए गए नाम: लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं।
प्रमुख कारण: *मृतक: क़रीब 46.23 लाख (2.99%)।
स्थानांतरित (Shifted/Absent): लगभग 2.17 करोड़ (14.06%) लोग जो अपने मूल पते पर नहीं मिले।
दोहरी प्रविष्टि (Duplicates): करीब 25.46 लाख (1.65%) मतदाता जिनके नाम एक से अधिक बार दर्ज थे।
मतदाता सूची की वर्तमान स्थिति
इस ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या में भारी बदलाव आया है:
कुल मतदाता (अक्टूबर 2025): 15.44 करोड़ से अधिक।
वर्तमान मतदाता (ड्राफ्ट रोल): अब राज्य में 12.55 करोड़ मतदाता शेष बचे हैं।
रिटेंशन रेट: लगभग 81.3% मतदाताओं के नाम बरकरार रखे गए हैं।
'दावे और आपत्तियां' (Claims & Objections)
ड्राफ्ट रोल जारी होने के साथ ही जनता के लिए सुधार का अवसर शुरू हो गया है:
समय सीमा: 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक।
सुधार की प्रक्रिया: यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम गलती से कट गया है या वह नया मतदाता (1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण) बनना चाहता है, तो वह फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकता है।
अन्य फॉर्म: नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है।
ऑनलाइन सुविधा: मतदाता voters.eci.gov.in या वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से अपना नाम चेक कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण तारीख़ें: एक नज़र में
गतिविधि निर्धारित तिथि
ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन 6 जनवरी, 2026
दावे और आपत्तियां दर्ज करना 6 जनवरी – 6 फरवरी, 2026
निस्तारण और सत्यापन अवधि 6 फरवरी – 27 फरवरी, 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 मार्च, 2026
चुनाव की तैयारी की ओर क़दम
इस बार की SIR प्रक्रिया डिजिटल रूप से काफी सशक्त थी। इसमें 15,000 से अधिक नए मतदान केंद्रों का सृजन और हर गणना फॉर्म का डिजिटलीकरण शामिल था। सरकार का मक़सद है कि मार्च में आने वाली अंतिम सूची के आधार पर आगामी चुनावों के लिए एक पारदर्शी और सटीक डेटाबेस तैयार हो सके।