NIA कोर्ट ने खालिस्तानी गुर्गों के खिलाफ टारगेटेड किलिंग केस में दर्ज किए सबूत
नई दिल्ली : पंजाब में RSS और हिंदू नेताओं की हत्याओं से जुड़े मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ विशेष NIA अदालत ने शुक्रवार को अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए। ये आरोपी कथित तौर पर खालिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़े हुए बताए गए हैं।
यह मामला वर्ष 2016 और 2017 में पंजाब में RSS और हिंदू नेताओं की टारगेट किलिंग से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को नई दिल्ली स्थित NIA अदालत में स्थानांतरित किया है।
14 आरोपियों पर हत्या, आपराधिक साजिश और UAPA के तहत मामले दर्ज
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, NIA प्रशांत शर्मा ने NIA द्वारा पेश एक संरक्षित गवाह का बयान दर्ज किया। आरोपी हरदीप सिंह उर्फ शेरा, रमनदीप सिंह उर्फ बग्गा, जगतार सिंह जौहल उर्फ जग्गी, मनप्रीत सिंह और अमनिंदर सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। इन पर हत्या और हत्या के प्रयास के 8 मामलों में आरोप हैं। कुल 14 आरोपी हैं, जिन पर हत्या, आपराधिक साजिश और UAPA के तहत अपराधों के आरोप लगे हैं। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता जसपाल सिंह मंजपुर के साथ अधिवक्ता राहुल सहानी और साहिल वारसी पेश हुए। उन्होंने बताया कि आरोपी वर्ष 2017 से हिरासत में हैं।
अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी
सुप्रीम कोर्ट ने जगतार सिंह जौहल उर्फ जग्गी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान निर्देश दिया था कि 4 फरवरी से मुकदमे की कार्यवाही शुरू की जाए और अभियोजन साक्ष्य दर्ज किए जाएं। अब तक दो संरक्षित गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
आरोप है कि जौहल, जो कि एक ब्रिटिश नागरिक हैं, वो वर्ष 2013 में पेरिस गए थे और वहां हरमिंदर सिंह मिंटू नामक व्यक्ति को हथियार खरीदने के लिए 3000 पाउंड दिए थे। उनकी जमानत याचिका फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। जमानत पर अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी।