सियासी सुगबुगाहट: 24 घंटे में दूसरी बार पीएम मोदी से मिले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
GTC News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर दिल्ली का दरबार केंद्र बन गया है। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) को राजधानी दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की। यह मुलाक़ात इसलिए भी चर्चा का विषय है क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले, 25 दिसंबर को लखनऊ में 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' के उद्घाटन के दौरान दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई थी।
मुलाक़ात के मुख्य बिंदु:
स्थान: प्रधानमंत्री आवास, लोक कल्याण मार्ग, नई दिल्ली।
साथ में: ब्रजेश पाठक के साथ वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी भी मौजूद रहे।
संदर्भ: यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब यूपी में ब्राह्मण विधायकों की बैठकों और संगठनात्मक बदलावों की ख़बरें चर्चा में हैं।
क्या हैं इस मुलाक़ात के मायने?
डिप्टी सीएम की इस "बैक-टू-बैक" मुलाक़ात के पीछे कई कयास लगाए जा रहे हैं:
संगठनात्मक बदलाव की आहट: माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश बीजेपी संगठन और मंत्रिमंडल में कुछ फेरबदल की योजना है। ब्रजेश पाठक यूपी बीजेपी के बड़े ब्राह्मण चेहरे हैं, ऐसे में उनकी पीएम से सीधी बातचीत राज्य के जातीय समीकरणों को साधने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
2027 की तैयारी: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव अब दूर नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक़, प्रधानमंत्री और डिप्टी सीएम के बीच राज्य के विकास कार्यों और आगामी चुनाव की रणनीति को लेकर भी मंथन हुआ है।
विकास योजनाओं की समीक्षा: वाराणसी के मेयर की उपस्थिति यह संकेत देती है कि काशी (पीएम का संसदीय क्षेत्र) के विकास और वहां चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई है।
पिछली मुलाक़ात (25 दिसंबर)
कल (25 दिसंबर 2025) ही लखनऊ में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी शामिल हुए थे। वहां मंच पर और मंच के पीछे ब्रजेश पाठक और पीएम मोदी के बीच काफी देर तक चर्चा देखी गई थी। उसके तुरंत बाद दिल्ली जाकर फिर से मिलना किसी बड़े राजनीतिक संकेत की ओर इशारा करता है।
सियासी जानकारों की राय: राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ब्रजेश पाठक का कद हाल के दिनों में दिल्ली दरबार में बढ़ा है। उनकी सक्रियता और पीएम से सीधा संवाद यह दर्शाता है कि आगामी समय में यूपी की राजनीति में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।