आयुष क्षेत्र में 'डिजिटल और क्वालिटी' क्रांति: पीएम मोदी ने लॉन्च किया MAISP पोर्टल और 'आयुष मार्क'
GTC News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आयुष क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने और इसे डिजिटल रूप से मज़बूत करने के लिए दो प्रमुख स्तंभों का अनावरण किया। ये पहल न केवल भारतीय चिकित्सा पद्धतियों (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) की साख बढ़ाएंगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भारतीय उत्पादों के लिए 'भरोसे की मुहर' भी साबित होंगी।
MAISP पोर्टल: आयुष सेवाओं का डिजिटल गेटवे
MAISP (My Ayush Integrated Services Portal) एक अत्याधुनिक मास्टर डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य आयुष क्षेत्र की सभी सेवाओं को एक छत के नीचे लाना है।
एकीकृत प्लेटफॉर्म: यह पोर्टल उपयोगकर्ताओं और चिकित्सकों के लिए एक वन-स्टॉप डेस्टिनेशन होगा, जहां आयुष उपचार, अनुसंधान और विकास से जुड़ी जानकारी मौजूद होगी।
पारदर्शिता और सुगमता: इसके माध्यम से आयुष मंत्रालय की विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का डिजिटलीकरण किया गया है, जिससे अनुदान और फंडिंग की प्रक्रिया अब पूरी तरह पारदर्शी और 'फेसलेस' होगी।
आयुष ग्रिड (Ayush Grid): यह पोर्टल 'आयुष ग्रिड' परियोजना का हिस्सा है, जो देश भर के आयुष अस्पतालों, औषधालयों और कॉलेजों को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ता है।
आयुष मार्क (Ayush Mark): वैश्विक गुणवत्ता का बेंचमार्क
प्रधानमंत्री ने जिस 'आयुष मार्क' का अनावरण किया, उसे आयुष उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता के लिए एक वैश्विक बेंचमार्क (Global Benchmark) के रूप में देखा जा रहा है।
दो स्तरीय सुरक्षा: इसमें दो श्रेणियां शामिल हैं— 'आयुष स्टैंडर्ड मार्क' (घरेलू मानकों के लिए) और 'आयुष प्रीमियम मार्क' (WHO और वैश्विक निर्यात मानकों के लिए)।
वैश्विक विश्वसनीयता: यह मार्क उपभोक्ताओं को यह गारंटी देगा कि उत्पाद सुरक्षा, प्रभावकारिता और निर्माण के कड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करता है।
निर्यात को बढ़ावा: यह वैश्विक स्तर पर 'ब्रांड इंडिया' की छवि को मज़बूत करेगा, जिससे भारतीय जड़ी-बूटियों और दवाओं के निर्यात में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
"पारंपरिक चिकित्सा को वह पहचान नहीं मिली जिसकी वह हक़दार थी। अब समय आ गया है कि हम साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और डिजिटल तकनीक के माध्यम से दुनिया का भरोसा जीतें।"
— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने कई अन्य सौगातें भी दीं:
अश्वगंधा पर डाक टिकट: भारत की इस प्रमुख औषधीय जड़ी-बूटी के वैश्विक महत्व को रेखांकित करने के लिए एक स्मारक डाक टिकट जारी किया गया।
WHO क्षेत्रीय कार्यालय: दिल्ली में WHO के नए दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय कार्यालय परिसर का उद्घाटन किया गया।
योग प्रशिक्षण रिपोर्ट: योग के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एकरूपता लाने के लिए 'WHO तकनीकी रिपोर्ट' जारी की गई।
बहरहाल, ये पहल भारत को 'वैश्विक वेलनेस हब' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। MAISP पोर्टल जहां व्यवस्था को सुलभ बनाएगा, वहीं 'आयुष मार्क' दुनिया भर के करोड़ों लोगों के मन में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा के प्रति विश्वास पैदा करेगा।